कश्मीर में सेब और केसर कारोबार को मिलेगी रफ्तार, अनंतनाग-पम्पोर में 25 साल के लिए वेयरहाउस बनाने की तैयारी

जम्मू। कश्मीर घाटी में स्थानीय व्यापार और माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने महत्वपूर्ण पहल की है। मंडल की ओर से अनंतनाग और पम्पोर रेलवे स्टेशनों के पास आधुनिक वेयरहाउस और भंडारण इकाइयों के विकास एवं संचालन के लिए 25 साल की अवधि हेतु निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। यह योजना रेलवे की 14 फरवरी 2026 की कार्गो संबंधित सुविधा नीति के तहत शुरू की गई है।

इस पहल से कश्मीर के सेब उत्पादकों, केसर किसानों और व्यापारियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन के नजदीक भंडारण सुविधा उपलब्ध होने से फसलों को सुरक्षित रखने और बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। साथ ही माल की लोडिंग-अनलोडिंग में लगने वाला समय और खर्च कम होगा। रेल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

योजना से निजी निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। जम्मू मंडल में इस सुविधा के लिए बड़ी ब्राह्मण, अनंतनाग और पम्पोर रेलवे स्टेशनों को शामिल किया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि अनंतनाग और पम्पोर में वेयरहाउस विकसित होने से सेब और केसर जैसे स्थानीय उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और परिवहन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने निजी निवेशकों से इस योजना में भाग लेने की अपील की।

इच्छुक निवेशक रेलवे की आधिकारिक निविदा वेबसाइट आईआरईपीएस के माध्यम से अपनी निविदाएं प्रस्तुत कर सकते हैं।