विद्दुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने अपने 15 सूत्रीय मांगो को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला-

विद्दुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने अपने 15 सूत्रीय मांगो को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला-

सिटी अपडेट जिला संवाददाता-अतुल पति त्रिपाठी
जनपद देवरिया....
उत्तर प्रदेश ऊर्जा निगम में शीर्ष प्रबंधन के मनमाने रवैये एवं तनशाही से परेशान कर्मचारियों के हितों को लेकर एक सभा आयोजित किया। सरकार के भष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेन्स की निति को धता बताकर शीर्ष प्रबंधन ब्यापक भर्ष्टाचार एवं फिजूलखर्ची कर रहा है। इन फ़िजूलखर्चियो से विभाग को घटा हो रहा है जिसकी भरपाई के लिए विभाग उपभोक्ताओं को लूट रही है। यदि फ़िजूलखर्चियो पर रोक लगे तो सरकार सस्ती बिजली उपभोक्ताओं की दे सकती है।
साथ ही मांग किया गया की सभी बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं को पहले की तरह 9 वर्ष 14 वर्षो 19 वर्ष की सेवा पर पदोनति कर समयबद्ध वेतनमान प्रदान किया जाये। और तर्न्सफर्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश वापस लिए जाये। तथा 220kv 400kv 765kv उपकेंद्रों को आउटसोर्सिंग से परिचालन एवं अनुरक्षण के आदेश निरस्त किये जाये। एवं लंबित बोनस का भुगतान किया जाये। आदि आदि मानगो को लेकर विद्दुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी ने सरकार के गलत नीतियों को उजागर किया। जिसमे प्रमुख रूप से रामविलास मालिक, उपखण्ड अधिकारी तरकुलवा अवर अभियंता संदीप कुमार तरकुलवा,पंकज गुप्ता बरियारपुर, दीनानाथ पथरदेवा, मनीष प्रजापति नाथनगर, सह संयोजक शशांक चौबे एवं अन्य कर्मचारी गण उपस्थित रहे।