मकराना जंक्शन पर संरक्षा संवाद, खतरे के सिग्नल को पार करने से बचने पर जोर

जोधपुर। सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप रेल संचालन को लेकर शनिवार को उत्तर पश्चिम रेलवे के मकराना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर ?संरक्षा संवाद? का आयोजन किया गया। इसमें रेल कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रेल संरक्षा से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (डीजल) राजकुमार शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित रेल संचालन रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर्मचारियों को खतरे के सिग्नल को पार करने जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सिग्नल की स्थिति को सही ढंग से समझने, निर्धारित गति का पालन करने और आवश्यकता के अनुसार समय पर ब्रेक लगाने के लिए जागरूक किया गया।

शॉर्टकट की आदत छोड़ने की अपील

संरक्षा संवाद में अधिकारियों ने कर्मचारियों से शॉर्टकट अपनाने से बचने और निर्धारित कार्य-पद्धति का पूरी तरह पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्य को जल्द पूरा करने के लिए सुरक्षा नियमों अथवा निर्धारित प्रक्रिया से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

असामान्य परिस्थितियों में नियमों के अनुसार कार्रवाई करने और किसी भी प्रकार के संदेह की स्थिति में संबंधित नियंत्रक या अधिकारी से मार्गदर्शन लेने पर भी जोर दिया गया।

ब्रेकिंग सिस्टम समेत कई तकनीकी पहलुओं पर चर्चा

तकनीकी सत्र में ब्रेकिंग सिस्टम, ब्रेक पावर की जांच, सिग्नल एवं प्वाइंट की स्थिति, रोलिंग-इन और रोलिंग-आउट जांच तथा लोको पायलट की सतर्कता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान उपकरणों की स्थिति पर लगातार नजर रखने, किसी भी असामान्यता की तत्काल सूचना देने और परिचालन से जुड़े कर्मचारियों के बीच प्रभावी संचार बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी सुनील दत्त चतुर्वेदी ने कहा कि संरक्षा केवल नियमों की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी द्वारा उनका व्यवहारिक रूप से पालन करना भी जरूरी है। छोटी सी चूक गंभीर घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सतर्कता, अनुशासन और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुरक्षित रेल संचालन की मजबूत कड़ी है।

कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने अपने अनुभव और सुझाव भी साझा किए। संरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का संचालन एमडी चारण ने किया।