दानापुर–एसएमवीटी बेंगलुरु विशेष ट्रेन अब चलेगी नियमित एक्सप्रेस के रूप में, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

यात्रियों की सुविधा और उत्तर भारत को दक्षिण भारत से बेहतर रेल संपर्क से जोड़ने की दिशा में रेलवे ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। दानापुर?एसएमवीटी बेंगलुरु विशेष ट्रेन अब नियमित एक्सप्रेस के रूप में संचालित की जाएगी। ट्रेन संख्या 03251/03252 के स्थान पर 1 सितंबर 2026 से नई नियमित एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 22365/22366 का परिचालन शुरू होगा।

रेल प्रशासन के इस निर्णय से बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के बीच प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। नियमित परिचालन से परीक्षार्थियों, आईटी पेशेवरों, मरीजों, व्यापारियों तथा अन्य यात्रियों को आरक्षण की बेहतर सुविधा मिलेगी और विशेष ट्रेन के संचालन को लेकर अंतिम समय की अनिश्चितता भी समाप्त होगी।

प्रतिदिन चलेगी ट्रेन

ट्रेन संख्या 22365 दानापुर?एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस 1 सितंबर 2026 से प्रतिदिन दानापुर से दोपहर 2:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:30 बजे एसएमवीटी बेंगलुरु पहुंचेगी।

वापसी में ट्रेन संख्या 22366 एसएमवीटी बेंगलुरु?दानापुर एक्सप्रेस 3 सितंबर 2026 से प्रतिदिन रात 11:50 बजे एसएमवीटी बेंगलुरु से रवाना होगी और अगले दिन मध्यरात्रि 12:15 बजे दानापुर पहुंचेगी।

बिहार से दक्षिण भारत तक बेहतर कनेक्टिविटी

दानापुर से चलने वाली ट्रेन आरा, बक्सर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, सतना, जबलपुर, इटारसी, नागपुर, सेवाग्राम, चंद्रपुर, बल्हारशाह, वारंगल, विजयवाड़ा, ओंगोल, गूडूर, पेरम्बूर, काटपाडी, जोलारपैट्टै, बंगारपेट और वाइटफील्ड होते हुए एसएमवीटी बेंगलुरु पहुंचेगी।

वापसी में भी ट्रेन इन्हीं प्रमुख स्टेशनों से होकर दानापुर पहुंचेगी। इस मार्ग के प्रमुख शहरों के बीच नियमित रेल सेवा उपलब्ध होने से यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

24 कोच की होगी सुपरफास्ट एक्सप्रेस

यह सुपरफास्ट श्रेणी की ट्रेन कुल 24 कोच के साथ संचालित होगी। इसमें 2 एसएलआर/डी, 7 सामान्य श्रेणी, 10 स्लीपर, 3 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी और 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के कोच शामिल होंगे।

रेलवे के अनुसार, इस सेवा के नियमित होने से बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के यात्रियों को दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों तक प्रतिदिन आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों के लिए होने वाली यात्राओं को भी सुगमता मिलेगी।

नियमित एक्सप्रेस सेवा शुरू होने से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा यात्रियों को अधिक भरोसेमंद एवं सुविधाजनक यात्रा विकल्प उपलब्ध होगा।