उत्तर मध्य रेलवे ने रचा नया कीर्तिमान, स्क्रैप बेचकर जुटाए 201.91 करोड़ रुपये

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्क्रैप के निस्तारण और बिक्री के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड कायम किया है। रेलवे बोर्ड की ओर से निर्धारित 285 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले उत्तर मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही के मध्य में ही 201.91 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर लिया है।

उत्तर मध्य रेलवे की यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में हुई 101.82 करोड़ रुपये की स्क्रैप बिक्री की तुलना में 98.30 प्रतिशत अधिक है। इस उपलब्धि से रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ परिसरों को कबाड़ मुक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के नेतृत्व और प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक शशि प्रकाश द्विवेदी के कुशल मार्गदर्शन में स्क्रैप निस्तारण की प्रक्रिया को तेज किया गया है। रेलवे परिसरों, कारखानों और स्टेशनों में लंबे समय से अनुपयोगी पड़े सामान की पहचान कर उनका तेजी से निस्तारण किया जा रहा है।

रेलवे बोर्ड के ?जीरो स्क्रैप मिशन? के तहत उत्तर मध्य रेलवे द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य रेलवे परिसरों को स्वच्छ, सुरक्षित और कबाड़ मुक्त बनाना है। स्क्रैप के त्वरित निस्तारण से रेलवे को अतिरिक्त राजस्व मिलने के साथ-साथ खाली हुई भूमि और कार्यस्थलों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित हो रहा है।

रेल प्रशासन के अनुसार आने वाले महीनों में भी स्क्रैप की ई-नीलामी और निस्तारण की प्रक्रिया को इसी गति से जारी रखा जाएगा। उत्तर मध्य रेलवे ने ?जीरो स्क्रैप? का लक्ष्य हासिल करने, अधिकतम राजस्व अर्जित करने और अपने परिसरों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्धता दोहराई है।