कलेक्टर डॉ. मिश्रा के दो वर्ष संवेदनशील प्रशासन, तकनीकी दक्षता और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली पर विशेष जोर

राजगढ़। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2013 बैच के अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने 14 अगस्त 2024 को राजगढ़ जिले के कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण किया था। उनके कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में सुशासन, नवाचार, जनकल्याण और प्रशासनिक दक्षता के क्षेत्र में किए गए विभिन्न उल्लेखनीय प्रयासों को रेखांकित किया जा सकता है। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने अपने कार्यकाल में प्रशासन को जन-केंद्रित, संवेदनशील, जवाबदेह, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष ध्यान दिया। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने, जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने तथा शासकीय कार्यप्रणाली में तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न अभिनव पहल की गईं।जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए प्रत्येक मंगलवार होने वाली जनसुनवाई से पूर्व ?संवाद से समाधान? कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। इसमें सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य शिकायतों के आवेदकों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष बैठाकर समस्याएं सुनी गईं तथा मौके पर ही निराकरण के प्रयास किए गए। इस पहल से शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं समयबद्धता को बढ़ावा मिला।जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जल निगम की ?हर घर नल से जल? योजना के साथ ?टोटी लगाओ? अभियान संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य नल कनेक्शन के साथ टोंटी की उपलब्धता सुनिश्चित कर अनावश्यक जल बहाव एवं पानी की बर्बादी को रोकना रहा। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कार्य किए गए। ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्थाओं में सुधार, डायलिसिस सुविधा, मरीजों की बेडशीट एवं अन्य कपड़ों की धुलाई के लिए वाशिंग मशीन तथा शुद्ध पेयजल के लिए आरओ वॉटर की व्यवस्था की गई। इन प्रयासों से मरीजों को बेहतर उपचार के साथ सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।प्रशासकीय कार्यों में तकनीक के प्रभावी उपयोग एवं अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय पर ई-दक्ष केंद्र स्थापित किया गया। केंद्र के माध्यम से कर्मचारियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र बनवाने में आ रही कठिनाइयों के समाधान के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान मोड में कक्षा 1 एवं 2 के लगभग 30 हजार विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र निःशुल्क तैयार कराए गए। इससे विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अनावश्यक कार्यालयीन प्रक्रियाओं से राहत मिली।शासकीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, गति एवं तकनीकी दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू किया गया। इसके परिणामस्वरूप राजगढ़ जिला प्रदेश के टॉप-5 जिलों में स्थान बनाने में सफल रहा। कार्यालयीन अभिलेखों के बेहतर संधारण एवं कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को प्रभावी बनाया गया। इसके परिणामस्वरूप राजगढ़ जिला ऑनलाइन उपस्थिति के मामले में प्रदेश के टॉप-5 जिलों में शामिल हुआ। वहीं समग्र ई-केवाईसी में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगभग 200 शासकीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास तथा 30 विद्यालयों में साइंस लैब प्रारंभ की गईं। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल एवं प्रयोगात्मक शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई।विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए संचालित सीडब्?ल्?यूएसएन हॉस्टल का नवीनीकरण कराया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना रहा।जिला अस्पताल परिसर स्थित वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्धजनों के लिए प्रशासन द्वारा विशेष पहल की गई। वृद्धजनों को उज्जैन महाकाल दर्शन एवं अयोध्या धाम की यात्रा कराई गई। यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता एवं सामाजिक सरोकारों को दर्शाती है।जिले में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा तथा मैदानी स्तर पर मॉनिटरिंग की गई। कार्यों की प्रगति की निरंतर समीक्षा करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन एवं जिले की विकासात्मक रैंकिंग को बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।गेहूं उपार्जन कार्य को व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। किसानों को उपार्जन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसी प्रकार किसानों को आवश्यकता के समय सुगम एवं पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए वितरण व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग की गई, जिससे किसानों को अनावश्यक कठिनाइयों से बचाया जा सके।कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के दो वर्ष के कार्यकाल में राजगढ़ जिले में प्रशासनिक प्रयासों का प्रमुख केंद्र जनसुविधा, त्वरित समाधान, तकनीकी नवाचार, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याण रहा। ?संवाद से समाधान? से लेकर ?टोटी लगाओ? अभियान, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, ई-दक्ष केंद्र, 30 हजार विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र, ई-ऑफिस, ऑनलाइन उपस्थिति, समग्र ई-केवाईसी, स्मार्ट क्लास, साइंस लैब तथा वृद्धजनों एवं दिव्यांग बच्चों के लिए की गई संवेदनशील पहलों तक अनेक प्रयासों ने प्रशासन को जनहित के और करीब लाने का कार्य किया है। दो वर्षों की यह यात्रा केवल प्रशासनिक उपलब्धियों का संकलन नहीं, बल्कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुशासन को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के सतत प्रयासों का प्रतिबिंब है।