माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की बड़ी पहल: ग्रामीण महिलाओं के सपनों को मिलेगा बाजार, एसएचजी से बढ़ेगी आजीविका

कटरा। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके छोटे-छोटे उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच आज कटरा में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे।

उपराज्यपाल एवं श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा के निर्देशों के तहत शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य पात्र स्वयं सहायता समूहों को श्राइन बोर्ड की व्यवस्था में पूजा सामग्री और प्रसाद की आपूर्ति से जोड़ना है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए एक मजबूत और स्थायी बाजार उपलब्ध होगा।

इस पहल के तहत स्वयं सहायता समूह फूलियां, मखाना, पटका, हेड बैंड पट्टी, धूप, अगरबत्ती, हवन सामग्री, समिधा और अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति कर सकेंगे। श्राइन बोर्ड की जरूरत के अनुसार भविष्य में उत्पादों की संख्या और दायरा भी बढ़ाया जा सकेगा।

450 से 500 महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ

वर्तमान में करीब 13 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 450 से 500 महिलाएं श्राइन बोर्ड को प्रसाद सामग्री की आपूर्ति कर रही हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में इन समूहों से पूजा सामग्री और प्रसाद की करीब 3.50 करोड़ रुपये की खरीद की गई। समझौते के बाद यह खरीद बढ़कर लगभग 15 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में इसका दायरा और बढ़ाने की योजना है।

यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए केवल बाजार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें उद्यम के रूप में आगे बढ़ने के लिए जरूरी प्रशिक्षण और सहयोग भी दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन पात्र स्वयं सहायता समूहों की पहचान, सत्यापन और अनुशंसा करेगा। साथ ही महिलाओं को कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, कारोबार संचालन, लेखा-जोखा और डिजिटल भुगतान से संबंधित प्रशिक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

बड़े ऑर्डर पूरा करने में स्वयं सहायता समूहों को परेशानी न हो, इसके लिए कार्यशील पूंजी की व्यवस्था के संभावित विकल्प भी तलाशे जाएंगे। वहीं श्राइन बोर्ड अपनी खरीद आवश्यकताओं की जानकारी यथासंभव पहले उपलब्ध कराएगा, जिससे महिलाएं समय पर उत्पादन और आपूर्ति की तैयारी कर सकें।

आत्मनिर्भर महिलाओं से मजबूत होगी स्थानीय अर्थव्यवस्था

इस साझेदारी का सबसे बड़ा उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, घरेलू आय बढ़ाना और महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को मजबूत करना है। कटरा-रियासी क्षेत्र में माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं से बनने वाली आर्थिक गतिविधियों को ग्रामीण महिलाओं की आजीविका से जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने का प्रयास किया गया है।

साझेदारी में पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। स्वयं सहायता समूहों को पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग और जैव-अवक्रमणीय सामग्री के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। खाद्य सामग्री से जुड़े समूहों के लिए खाद्य सुरक्षा और संबंधित नियमों के पालन पर भी विशेष जोर रहेगा।

यह समझौता ग्रामीण महिलाओं के लिए 'आत्मनिर्भरता से समृद्धि' की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। इससे घर की चारदीवारी तक सीमित हुनर को बाजार मिलेगा, महिलाओं के हाथों को काम मिलेगा और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ पूरे क्षेत्र में आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे।

समझौता ज्ञापन पर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार मौर्य, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार शर्मा तथा जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक डॉ. शुभ्रा शर्मा सहित संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।