कानपुर–प्रयागराज रेलखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, एसक्यूएमएस के चार सूत्रों पर जोर

कानपुर?प्रयागराज रेलखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, एसक्यूएमएस के चार सूत्रों पर जोर

रेलवे बोर्ड के सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर विवेक कुमार गुप्ता ने कानपुर सेंट्रल के पुनर्विकास कार्यों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश

प्रयागराज। रेलवे के आधारभूत ढांचे को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में कानपुर-प्रयागराज रेलखंड पर चल रहे विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। रेलवे बोर्ड के सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर विवेक कुमार गुप्ता ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेलवे के समग्र विकास के लिए एसक्यूएमएस?संरक्षा, गुणवत्ता, गतिशीलता और कौशल को चार प्रमुख आधार बताते हुए इन सभी क्षेत्रों में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया।

कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए गुप्ता ने कहा कि स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, सुरक्षित और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जाना है। उन्होंने निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग के साथ निर्धारित गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने और परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुगम आवाजाही सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। निर्माण गतिविधियों के कारण यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इसके बाद सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर ने कानपुर-प्रयागराज रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने रेलखंड पर संरक्षा, परिचालन दक्षता, समयबद्धता, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के संकल्प सभागार में आयोजित बैठक में श्री विवेक कुमार गुप्ता ने कहा कि संरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक, बेहतर कार्यप्रणाली और डेटा आधारित विश्लेषण के माध्यम से संरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।

उन्होंने गुणवत्ता को रेलवे विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि किसी भी परियोजना को केवल पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी दीर्घकालिक गुणवत्ता और उपयोगिता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी प्रकार गतिशीलता बढ़ाने के लिए रेल नेटवर्क की क्षमता, परिचालन दक्षता और यात्रियों व माल की निर्बाध आवाजाही को ध्यान में रखकर आधारभूत ढांचे का विकास किया जाए।

कौशल विकास पर भी विशेष जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई। बदलती तकनीक और आधुनिक रेलवे प्रणाली के अनुरूप कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए।

गुप्ता ने अधिकारियों को कार्यों की योजना बनाते समय यात्री और आमजन के दृष्टिकोण को प्रमुखता देने की बात कही। उन्होंने डेटा आधारित योजना और विश्लेषण के बेहतर उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने और रेलवे की कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार लाने में मदद मिलेगी।

बैठक में मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मंडल की उपलब्धियों, प्रमुख परियोजनाओं और विभिन्न आधारभूत संरचना कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर ने प्रस्तावित एवं जारी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें संरक्षा, गुणवत्ता, समयबद्धता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर ए.के. मनुवाल, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर दीपक कुमार सिन्हा, अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन एम.एम. वारिस, अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर समन्वय जावेद अख्तर सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कानपुर-प्रयागराज रेलखंड पर विकास की रफ्तार, आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधाओं पर फोकस?रेलवे के इस कदम से आने वाले समय में यात्रियों को और बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक रेल सेवाएं मिलने की उम्मीद है।