कलाल समाज को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल कराने के लिए सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार से की मुलाकात

संवाददाता ? संतोष व्यास

उदयपुर/डूंगरपुर। कलाल समाज को केंद्रीय ओबीसी प्रमाण पत्र में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के समाधान के लिए उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार से मुलाकात की। सांसद डॉ. रावत ने केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपकर राजस्थान सरकार की अधिसूचना के अनुरूप केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में कलाल जाति और उसके सभी उपवर्गों को शामिल करने की मांग उठाई।

मुलाकात के दौरान सांसद डॉ. रावत ने बताया कि सर्ववर्गीय कलाल महासभा, उदयपुर ने उन्हें क्षेत्र की इस प्रमुख समस्या से अवगत कराया था। भारत सरकार के राजपत्र (20 अक्टूबर 1994) की केंद्रीय ओबीसी सूची में कलाल जाति का केवल 'कलाल (टांक)' उपवर्ग ही दर्ज है। इस तकनीकी विसंगति के कारण कलाल समाज के अन्य उपवर्गों के युवाओं को केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं, जिससे कई प्रतिभावान बालक-बालिकाएं केंद्रीय सरकारी सेवाओं और शैक्षणिक अवसरों के लाभ से वंचित रह रहे हैं।

सांसद ने ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि राजस्थान सरकार के समाज कल्याण विभाग की 24 जून 2002 की अधिसूचना में ओबीसी सूची के क्रम संख्या 26 पर कलाल समाज के सभी प्रमुख उपवर्गों जैसे कलाल, कलाल (टांक), कलाल (मेवाड़ा), कलाल (सुवालका), कलाल (जायसवाल), कलाल (अहलूवालिया) तथा कलाल (पटेल) को शामिल किया गया है और राज्य स्तर पर इन सभी को प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। सांसद डॉ. रावत ने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि राज्य सरकार की तर्ज पर ही केंद्रीय सूची में भी संशोधन कर सभी उपवर्गों को जोड़ा जाए, ताकि कलाल समाज के युवाओं को राहत मिल सके।