जिलाधिकारी ने गोवंश आश्रय स्थलों की टैगिंग, चारागाह विकास व बैकयार्ड पोल्ट्री पर दिया जोर  

देवरिया।कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग एवं जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के समस्त ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, क्रियान्वयन, संचालन व प्रबंधन की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी निराश्रित गोवंश की नियमित मानिटरिंग की जाए। इन्हें तत्काल नजदीकी गो आश्रय केंद्रों में संरक्षित कराया जाए। प्रत्येक गोवंश की टैगिंग कर एप पर अभिलेखीकरण अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए।निराश्रित गोवंश के लिए चिन्हित चारागाह की भूमि पर इस माह के अंत तक नैपियर घास की बोआई शत-प्रतिशत पूर्ण कर ली जाए, ताकि गोवंश को हरा चारा उपलब्ध हो सके।चिकित्सा, बधियाकरण एवं कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति की समीक्षा करते हुए लक्ष्य को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।जनपद में लेयर फार्मिंग स्थापित कराने की कार्यवाही तेज करने को कहा। बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के अंतर्गत प्रत्येक विकास खंड से 100 अनुसूचित जाति के लाभार्थियों का चयन कर सूची तत्काल मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि विभाग द्वारा दिए गए लक्ष्यों को अभियान चलाकर पूरा किया जाएगा।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त मनरेगा, समस्त पशुचिकित्सा अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत/नगर पालिका तथा गौशाला से संबंधित ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे।