Chandauli News:सावन के पहले सोमवार को स्कूलों में नाम मात्र पहुंचे बच्चे, विद्यालय की रसोई से पुलिस व ग्रामीणों की खूब हुई दावत

सावन के पहले सोमवार को प्राथमिक विद्यालय प्रेमापुर, हेतिमपुर, दुबेपुर माफी में छात्रों की उपस्थिति रही नगण्य

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय

चकिया।सावन के प्रथम सोमवार को प्राथमिक विद्यालय प्रेमापुर, हेतिमपुर, दुबेपुर माफी में छात्रों की उपस्थिति दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय दुबेपुर माफी में छात्रों की उपस्थिति शून्य रही तो प्रशासक प्रधान ने रसोइयों को लगाकर बाटी चोखा बनवाकर पुलिस और ग्रामीणों को मेले की दावत दे दी। हालांकि शिक्षकों का कहना रहा कि सावन के प्रथम सोमवार को मेला लगने से बच्चे अभिभावकों के साथ मंदिर में दर्शन पूजन के लिए चले जाते हैं।

प्राथमिक विद्यालय हेतिमपुर कक्षा में बच्चे नहीं थे। दो शिक्षिकाएं प्रधानाध्यापक कक्ष में बैठी थी। बताया कि पांच, छह बच्चे आए थे वह घर चले गए। रसोईया घर भी बंद रहा। मध्यान्ह भोजन योजना का क्रियान्वयन होता नजर नहीं आया। प्रधानाध्यापक राजेश भारती ने बताया कि दर्शनार्थियों व मेला प्रेमियों की सुरक्षा व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था विद्यालय में की गई थी। यह अलग बात है कि बेसिक शिक्षा विभाग से अनुमति लिखित रूप से नहीं ली गई थी।प्राथमिक विद्यालय दुबेपुर माफी में एक कक्ष में बच्चों का पांच, छह बैग टेबल पर पड़ा दिखा। लेकिन बच्चे मौजूद नही थे।प्रधानाध्यापक अपने कक्ष में बैठे थे और शिक्षक परिसर में टहल रहे थे। बताया कि बच्चे आए थे दोपहरिया भोजन कर मेला देखने चले गए हैं, आते ही होंगे। उच्च प्राथमिक विद्यालय दुबेपुर माफी में बच्चों की उपस्थित शून्य थी। एक कक्ष में पुलिस कांस्टेबल व कुछ लोग टेबल बेंच पर बैठकर भोजन कर रहे थे। प्रधानाध्यापक सहित शिक्षक उपस्थित थे। रसोईया उर्मिला, रामपति, सुशीला को भोजन पकाने के लिए लगाया गया था।निर्मल यादव प्रधानाध्यापक ने बताया कि बच्चे आए थे। मेला देखने चले गए।

खंड शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार पाल ने बताया कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति नगण्य होने, एमडीएम नही बनने सहित बगैर अनुमति के आमजन के लिए विद्यालय में भोजन बनने की जांच कराई जाएगी। संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।