Chandauli News:चार्ज संभालते ही थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह का बड़ा धमाका,मुगलसराय में नौकरी-मकान का झांसा देकर महिलाओं को बंधक बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

साइबर थाना प्रभारी अभिषेक शुक्ला का ?शुक्ला मॉडल? भी चला, चार आरोपियों को दबोचा; आठ मोबाइल, नकदी, एटीएम कार्ड व फर्जी दस्तावेज बरामद

पीडीडीयू नगर। नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाने, उन्हें बंधक बनाकर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाने और वायरल करने की धमकी देकर रुपये ऐंठने वाले संगठित गिरोह का मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुष और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, पांच फर्जी व कूटरचित आधार कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वाई-फाई डिवाइस और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किए गए हैं।खास बात यह रही कि मुगलसराय थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह के कार्यभार संभालने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। वहीं इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला की साइबर जांच और सर्विलांस टीम की भूमिका भी अहम रही।पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कई महिलाओं को ब्लैकमेल कर रकम ऐंठने वाले गिरोह के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है।

*डायल-112 और आईजीआरएस पर लगातार मिल रही थीं शिकायतें*
पीडीडीयू नगर।पुलिस के अनुसार जिले में डायल-112 और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एक संगठित गिरोह नौकरी और मकान दिलाने के नाम पर महिलाओं को अपने जाल में फंसा रहा है।शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि गिरोह की ओर से महिलाओं को पहले विश्वास में लिया जाता था और फिर उन्हें पूर्व निर्धारित स्थान पर बुलाकर बंधक बना लिया जाता था।इसके बाद आरोपियों द्वारा महिलाओं को डराया-धमकाया जाता और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं और उनके परिजनों से ऑनलाइन तथा ऑफलाइन माध्यम से रकम वसूली जाती थी।

*रामनगर से मकान तक ले जाकर महिला को बनाया बंधक*
मुगलसराय कोतवाली में दर्ज शिकायत के मुताबिक, एक महिला ने 27 अगस्त को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 14 मई 2026 को नौकरी दिलाने के बहाने उसे रामनगर चौराहे से ग्राम डहिया स्थित एक मकान में ले जाया गया। वहां मौजूद लोगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाली महिला के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट और गलत हरकत की।आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर उसे और उसके परिजनों को वायरल करने की धमकी दी।पीड़िता को करीब दो दिन तक बंधक रखने के बाद परिजनों से लगभग 30 हजार रुपये मंगवाए गए। 15 मई को उसे छोड़ा गया। इस दौरान उसका मोबाइल भी छीन लिया गया और फोन-पे के माध्यम से करीब 75 हजार रुपये जबरन ट्रांसफर कराने का आरोप है।

*दूसरी महिला से पांच लाख मांगे, खाते से कराए 1.14 लाख रुपये ट्रांसफर*
पीडीडीयू नगर।एक अन्य मामले में वादिनी ने आरोप लगाया कि 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान देखने के सिलसिले में उसे रामनगर चौराहे से ग्राम डहिया स्थित मकान में ले जाया गया।वहां तीन अज्ञात पुरुषों और एक महिला ने उसे कमरे में बंधक बनाकर निर्वस्त्र किया और वीडियो बनाया।वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए आरोपियों ने पांच लाख रुपये फिरौती मांगी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। आरोपियों ने मोबाइल छीनकर उसके पति को फोन किया और फिरौती की मांग की। इसके बाद उसके बैंक खाते से फोन-पे के माध्यम से करीब 1.14 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। किसी तरह पीड़िता वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रही।

*लोकेनटो से शुरू हुआ गिरोह का खेल*
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी विजय कुमार गुप्ता उर्फ राकी ने कथित तौर पर बताया कि वह पहले ऑनलाइन लोकेनटो वेबसाइट के माध्यम से एस्कॉर्ट सर्विस संचालित करता था। वर्ष 2023 में एक महिला द्वारा कथित धोखाधड़ी किए जाने के बाद उसने उससे बदला लेने की योजना बनाई।आरोप है कि इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर संगठित गिरोह बनाया। गिरोह के सदस्य एस्कॉर्ट सेवा के नाम पर महिलाओं को बुक करके पूर्व निर्धारित स्थान पर बुलाते थे। वहां उन्हें बंधक बनाकर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाए जाते थे। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिलाओं और उनके परिजनों से रुपये वसूले जाते थे।

*महिलाओं को लाने का काम करता था विशंभर*
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि विशंभर विश्वकर्मा महिलाओं को रामनगर चौराहे से बड़़ीपुरस स्थित मकान तक लेकर आता था। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य महिलाओं को बंधक बनाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो तैयार करते और परिजनों को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर फिरौती मांगते थे।

*महिला आरोपी खुद को बताती थी सीबीआई अधिकारी*
गिरोह में शामिल अंजली गुप्ता की भी महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है।पुलिस के मुताबिक वह खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर महिलाओं को डराती-धमकाती थी। आरोप है कि फर्जी और कूटरचित आधार कार्ड तथा बैंक खातों के माध्यम से फिरौती की रकम प्राप्त करने और गिरोह के वित्तीय लेनदेन को मैनेज करने में भी उसकी भूमिका थी।

*आठ मोबाइल, नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद*
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से
08 एंड्रॉयड मोबाइल फोन,72,300 रुपये नकद,09 एटीएम कार्ड,05 फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड,पैन कार्ड,ड्राइविंग लाइसेंस,वोटर आईडी,श्रम कार्ड और कोविड कार्ड
विभिन्न बैंकों की पासबुक व चेकबुक,01 पोर्टेबल वाई-फाई डिवाइस,,01 टॉर्च किट,01 स्कूटी,01 मोटरसाइकिल
बरामद की गई है। बरामद वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया है।

*सरगना समेत चार गिरफ्तार*
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विजय कुमार गुप्ता उर्फ राकी, कृष्ण कुमार गुप्ता, विशंभर विश्वकर्मा और अंजली गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार आरोपियों के वर्तमान पते चंदौली और मूल पते प्रयागराज तथा वाराणसी क्षेत्र से जुड़े बताए गए हैं।

*?शुक्ला मॉडल? ने खोली गिरोह की परतें*
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान और वांछित आरोपियों की तलाश के दौरान मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली। थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर थाना प्रभारी अभिषेक शुक्ला और सर्विलांस टीम की मदद से ग्राम डहिया स्थित मकान की घेराबंदी कर दबिश दी।
मौके से तीन पुरुष और एक महिला आरोपी को हिरासत में लिया गया। पीड़िताओं ने आरोपियों की पहचान भी की। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही गिरोह से जुड़ी अन्य घटनाओं और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह के लिए कार्यभार संभालते ही मिली यह कार्रवाई बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जबकि साइबर थाना प्रभारी अभिषेक शुक्ला की साइबर जांच, सर्विलांस और तकनीकी मदद ने गिरोह तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।