कालीबाई भील एवं देवनारायण मेधावी छात्रा स्कूटी योजना में पात्र छात्राओं ने सरकार से नगद राशि की जगह स्कूटी देने की उठाई मांग

संवाददाता - संतोष व्यास

डूंगरपुर। राज्य सरकार की ओर से मेधावी छात्राओं को दी जाने वाली कालीबाई भील एवं देवनारायण मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के तहत डूंगरपुर जिले की वंचित छात्राओं ने सोमवार को मोर्चा खोल दिया। सत्र 2024-25 की पात्र मेधावी छात्राओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रोत्साहन राशि के स्थान पर स्कूटी ही वितरित किए जाने की जोरदार मांग की है।

छात्राओं ने ज्ञापन में बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 65 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्कूटी प्रदान करने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, सत्र 2024-25 में कुछ पात्र छात्राओं को स्कूटी वितरित की गई, लेकिन इसके बाद शेष बची छात्राओं को स्कूटी की बजाय केवल नकद प्रोत्साहन राशि देने का आदेश जारी कर दिया गया है।

छात्राओं का कहना है कि नकद राशि की तुलना में स्कूटी उनके आगे की उच्च शिक्षा और आवागमन के लिए कहीं अधिक उपयोगी एवं सहायक सिद्ध होती है। इसलिए सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए सभी पात्र मेधावी छात्राओं को स्कूटी ही प्रदान करनी चाहिए।

- ज्ञापन सौंपने में शामिल प्रमुख छात्राएं

ज्ञापन सौंपने के दौरान भूमिका रोत, कृष्णा सरपोटा, सुनिता डामोर, गौरी खराड़ी, मनीषा डिंडोर, मोनिका राणा, अनिता रोत, शिल्पा रोत, दक्षा मनात, सोनल डामोर, भूमिका डामोर, सीमा भगोरा, अंजली रोत, पायल कटारा, शिल्पा कुमारी डिंडोर, सरस्वती अहारी, कला रोत, खुशबू डिंडोर, मोनिका रोत, गायत्री रोत, रेखा डामोर, रीना डिंडोर, जयश्री मनात, गायत्री मनात तथा हिमानी रोत सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।