उत्तर पश्चिम रेलवे ने रचा नया कीर्तिमान, जुलाई में माल ढुलाई और यात्री सेवाओं में शानदार बढ़ोतरी

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने जुलाई 2026 में माल ढुलाई और यात्री सेवाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए विकास की नई इबारत लिखी है। माल परिवहन से लेकर यात्री सेवाओं तक रेलवे ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कर यह साबित किया है कि भारतीय रेलवे देश की अर्थव्यवस्था और विकास की मजबूत धुरी बनी हुई है।

उत्तर पश्चिम रेलवे ने जुलाई 2026 में 2.694 मिलियन टन माल ढुलाई कर पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की। वहीं माल ढुलाई से होने वाले राजस्व में ₹216.57 करोड़ की बढ़ोतरी हुई, जो लगभग 18 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। यह उपलब्धि रेलवे की बेहतर परिचालन क्षमता और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था का प्रमाण है।

पूरे भारतीय रेलवे ने भी जुलाई 2026 में 141.3 मिलियन टन माल ढुलाई कर पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इस दौरान लौह अयस्क की लोडिंग में 22.2 प्रतिशत, उर्वरकों में 12 प्रतिशत, खाद्यान्न और कोयले में 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही बिजली संयंत्रों को घरेलू कोयले की आपूर्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती मिली।

यात्री सेवाओं में भी उत्तर पश्चिम रेलवे ने शानदार प्रदर्शन किया। जुलाई 2026 में 6.55 करोड़ यात्रियों ने उत्तर पश्चिम रेलवे की सेवाओं का लाभ उठाया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 6.12 करोड़ थी। इससे स्पष्ट है कि यात्रियों का रेलवे पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

वहीं पूरे भारतीय रेलवे ने जुलाई 2026 में 63.35 करोड़ यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों श्रेणियों में यात्री संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई।

भारतीय रेलवे आधुनिक रेल अवसंरचना, बेहतर माल ढुलाई व्यवस्था और उत्कृष्ट यात्री सुविधाओं के माध्यम से देश के आर्थिक विकास को नई गति दे रहा है। परिचालन दक्षता, ग्राहक-केंद्रित सेवाओं और आधुनिक तकनीक के सहारे रेलवे लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को और अधिक सशक्त बना रहा है।