पालपादर में खुला संविधान संदर्भ केंद्र, ग्रामीणों को मिलेगी संवैधानिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी

संवाददाता - संतोष व्यास

डूंगरपुर। ग्रामीण अंचल के अंतिम व्यक्ति तक भारतीय संविधान के मूल्यों को पहुँचाने और जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिले की पंचायत समिति बिछीवाड़ा के पालपादर गांव में संविधान संदर्भ केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया। आस्था संस्थान की संवैधानिक मूल्य गरिमा फैलोशिप की फैलो गिरिजा वरहात के नेतृत्व में शुरू हुआ यह केंद्र गांव में संवाद, अध्ययन और जनजागरूकता का एक प्रमुख मंच बनेगा।

उद्घाटन के अवसर पर आस्था संस्थान के समन्वयक डॉ. भरत श्रीमाली ने केंद्र के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पहल का मुख्य ध्येय ग्रामीण समुदाय, विशेषकर युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों के बीच भारतीय संविधान के मूलभूत सिद्धांतों, मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा लोकतांत्रिक चेतना का प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से समय-समय पर संविधान की प्रस्तावना, समानता, स्वतंत्रता, बंधुता, सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों पर विशेष चर्चा, प्रशिक्षण व अध्ययन सत्र आयोजित किए जाएंगे।

संस्थान से जुड़े सक्रिय लीडर बाबूलाल पंडवाला ने जोर देकर कहा कि संविधान को केवल एक दस्तावेज़ या पुस्तक तक सीमित न रखकर उसे जन-जन के व्यावहारिक जीवन तक पहुँचाना ही इस पहल की आत्मा है। इसके साथ ही, यह केंद्र केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे महात्मा गांधी नरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन व्यवस्था, पालनहार योजना और पीएम किसान सम्मान निधि की सटीक जानकारी ग्रामीणों तक पहुँचाएगा तथा पात्र लाभार्थियों को उनका हक दिलाने में पूर्ण सहयोग करेगा।

ग्रामीणों ने इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इसे सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर करार दिया। कार्यक्रम के दौरान भानेश्वर परमार, अशोक गमेती, जशोदा अहारी, कमला, रेखा, बाबूलाल पंडवाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।