अवैध बाल वाहिनियों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा : 24 वाहन जब्त, बिना रिफ्लेक्टर वाले 350 वाहनों पर कार्रवाई

संवाददाता - संतोष व्यास

डूंगरपुर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर राजस्थान सरकार और परिवहन मंत्रालय के सख्त निर्देशों के बाद डूंगरपुर पुलिस और यातायात शाखा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। यातायात शाखा डूंगरपुर ने शुक्रवार को शहर में अवैध रूप से संचालित हो रहीं बाल वाहिनियों के खिलाफ एक बड़ा और सघन अभियान चलाकर 24 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया।

- 5 प्रमुख चौराहों र 5 विशेष टीमों ने की नाकेबंदी

हाल के दिनों में बाल वाहिनियों से जुड़ी दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए यातायात शाखा ने शहर के पांच प्रमुख चौराहों पर 5 विशेष टीमें तैनात कीं। सघन चेकिंग के दौरान नियमों की अनदेखी कर चल रहे 24 अवैध वाहनों को जब्त कर रिजर्व पुलिस लाइन, डूंगरपुर भेज दिया गया। जब्त किए गए वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान इन वाहनों में सवार स्कूली बच्चों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। पुलिस ने अपने सरकारी वाहनों का उपयोग कर बच्चों को उनके विद्यालयों और घरों तक सुरक्षित पहुंचाया।

- नियमों की पालना के लिए दिए गए थे कड़े निर्देश

उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में पिछले एक माह से बाल वाहिनियों की चेकिंग का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गत 21 जुलाई को पुलिस लाइन सभागार में परिवहन विभाग, प्राइवेट विद्यालय एसोसिएशन, ऑटो यूनियन और प्राइवेट बस यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में राजस्थान सरकार व परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी स्थाई आदेश के तहत बाल वाहिनी संचालन के सभी विस्तृत दिशा-निर्देशों की पालना करने के कड़े निर्देश दिए गए थे।

- रिफ्लेक्टर अभियान: 350 वाहनों पर लगे चमकीले रिफ्लेक्टर

बाल वाहिनियों के अलावा, रात्रि के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात शाखा ने बिना रिफ्लेक्टर चल रहे वाहनों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की। कुल 350 वाहनों पर चमकीले रिफ्लेक्टर लगाए गए ताकि पीछे से आने वाले वाहन दुर्घटनाग्रस्त न हों। वहीं, दुर्घटना का कारण बन सकने वाले 13 वाहनों के खिलाफ चालान काटकर 15,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

यातायात पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अवैध बाल वाहिनियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।