भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि: सामाख्याली–भचाऊ रेलखंड पर चौहरीकरण पूरा, कच्छ में रेल परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने रेल अवसंरचना विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सामाख्याली?भचाऊ रेलखंड पर चौहरीकरण (क्वाड्रुपलिंग) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस परियोजना के पूरा होने से कच्छ क्षेत्र में रेल संपर्क, माल परिवहन क्षमता और यात्री रेल संचालन को नई मजबूती मिलेगी।

मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक इस परियोजना का निरीक्षण कर रहे हैं। परियोजना के तहत 30 जुलाई 2026 को सामाख्याली और भचाऊ के बीच नवनिर्मित अप एवं डाउन रेल लाइनों पर सफल लोकोमोटिव स्पीड ट्रायल भी संपन्न किया गया। लगभग 17 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन पर सफल परीक्षण के बाद अब रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के निरीक्षण और अंतिम स्वीकृति के पश्चात ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा।

परियोजना के तहत कुल 32.90 किलोमीटर नई रेल लाइन विकसित की गई है, जिसमें डाउन लाइन 16.398 किलोमीटर और अप लाइन 16.502 किलोमीटर लंबी है। पूरे सेक्शन में नए ट्रैक बिछाने के साथ 6.25 लाख घन मीटर अर्थवर्क, 1.27 लाख घन मीटर ब्लैंकेटिंग और 0.96 लाख घन मीटर बैलास्ट का कार्य पूरा किया गया। इसके अलावा 4 बड़े और 25 छोटे पुल बनाए गए तथा सामाख्याली, वोंध और भचाऊ स्टेशनों का विस्तार किया गया। चार रेल लाइनों के अनुरूप 9 समपार फाटकों का भी उन्नयन किया गया है।

मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने बताया कि यह परियोजना कच्छ क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे रेल यातायात के दबाव को कम करने और कांडला तथा मुंद्रा बंदरगाहों से होने वाले माल परिवहन को अधिक तेज, सुरक्षित और सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। यह रेलखंड भुज, गांधीधाम, वायोर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को देश के प्रमुख रेल नेटवर्क से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।

उन्होंने कहा कि चौहरीकरण के बाद इस मार्ग की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी, परिचालन में होने वाली देरी कम होगी और नई यात्री व मालगाड़ियों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, खाद्यान्न, नमक और अन्य वस्तुओं के परिवहन को नई गति मिलेगी, जबकि उद्योग, व्यापार, निर्यात, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

रेलवे के अनुसार, वाणिज्यिक संचालन शुरू करने से पहले रेलवे संरक्षा आयुक्त का अंतिम निरीक्षण और आवश्यक सुरक्षा अनुमोदन की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएंगी।