भारतीय रेलवे की बड़ी छलांग: देश के पहले वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का ट्रायल शुरू, 145 किमी/घंटा की रफ्तार से सफल परीक्षण

भारतीय रेलवे ने माल परिवहन के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए देश के पहले वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) का सफल तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया है। परीक्षण के पहले ही दिन इस अत्याधुनिक रेक ने 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के हाई-स्पीड माल परिवहन और आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

रेलवे के अनुसार, 16 कोच वाला यह अत्याधुनिक फ्रेट ईएमयू इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई द्वारा विकसित किया गया है। इसे विशेष रूप से तेज पार्सल सेवा, ई-कॉमर्स, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स और समयबद्ध माल परिवहन को नई गति देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की निगरानी में इस रेक का परीक्षण कोटा?नागदा?सवाई माधोपुर रेलखंड पर किया जा रहा है। पहले दिन ट्रायल के दौरान 120, 135 और 145 किमी/घंटा की गति पर सफल परीक्षण किए गए। परीक्षण के लिए सभी स्टेशनों पर निर्बाध ग्रीन सिग्नल उपलब्ध कराए गए, जिससे पूरा ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

रेलवे ने बताया कि अगले लगभग एक महीने तक इस रेक के विभिन्न उच्च स्तरीय तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे। इनमें इमरजेंसी ब्रेकिंग, कर्व परफॉर्मेंस, ट्रैक्शन, ब्रेकिंग सिस्टम, पुनर्योजी ऊर्जा (रेजेनरेटिव एनर्जी), स्वचालित दरवाजों, सीसीटीवी, अग्नि सुरक्षा प्रणाली और अन्य आधुनिक तकनीकों की व्यापक जांच शामिल होगी।

इस अत्याधुनिक फ्रेट ईएमयू में 16 कोच, रेफ्रिजरेटेड पार्सल वैन, स्वचालित चौड़े स्लाइडिंग दरवाजे, आधुनिक ब्रेकिंग प्रणाली, फोर्स्ड वेंटिलेशन, सीसीटीवी, एलईडी लाइटिंग और अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। सुरक्षा के लिए ट्रेन की गति 5 किमी/घंटा से अधिक होते ही सभी दरवाजे स्वतः लॉक हो जाते हैं और सभी दरवाजों के पूरी तरह बंद होने की पुष्टि के बाद ही ट्रेन आगे बढ़ सकती है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस फ्रेट ईएमयू के सफल परीक्षण के बाद देश में ई-कॉमर्स, एक्सप्रेस पार्सल, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स और समयबद्ध माल परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी। व्यावसायिक संचालन शुरू होने के बाद यह पारंपरिक मालगाड़ियों की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन विकल्प साबित होगा।

वंदे भारत तकनीक पर आधारित यह फ्रेट ईएमयू भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो देश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति देने के साथ-साथ तेज, सुरक्षित और समयबद्ध माल परिवहन का नया युग शुरू करेगा।