रेल सुरक्षा में बड़ा सुधार: 2026-27 में अब तक सिर्फ दो बड़ी ट्रेन दुर्घटनाएं, कवच और आधुनिक तकनीक से बढ़ी सुरक्षा

भारतीय रेलवे ने आधुनिक तकनीक, मजबूत रेल अवसंरचना और बेहतर रखरखाव व्यवस्था के दम पर रेल सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026-27 (जून 2026 तक) पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क पर केवल दो बड़ी ट्रेन दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। वहीं वर्ष 2014-15 में 135 दुर्घटनाओं की तुलना में 2025-26 में यह संख्या घटकर केवल 16 रह गई, जो करीब 88 प्रतिशत की कमी दर्शाती है।

रेल मंत्री ने बताया कि दुर्घटना सूचकांक में भी ऐतिहासिक सुधार हुआ है। वर्ष 2014-15 में जहां यह 0.11 था, वहीं 2025-26 में घटकर 0.01 रह गया, जो लगभग 91 प्रतिशत की कमी है।

2,569 किलोमीटर रेलमार्ग पर सफलतापूर्वक लागू हुआ 'कवच 4.0'

रेलवे ने बताया कि स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच 4.0' का सफल संचालन दिल्ली?मुंबई और दिल्ली?हावड़ा जैसे देश के सबसे व्यस्त रेल कॉरिडोर के 2,569 किलोमीटर लंबे मार्ग पर शुरू हो चुका है। यह प्रणाली लोको पायलट को निर्धारित गति सीमा का पालन कराने में मदद करती है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर संभावित दुर्घटनाओं को रोकती है।

सुरक्षा पर रिकॉर्ड निवेश

रेलवे ने सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर लगातार निवेश बढ़ाया है। वर्ष 2013-14 में 39,200 करोड़ रुपये के मुकाबले 2026-27 के बजट में सुरक्षा मद के लिए 1,20,389 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग ट्रैक नवीनीकरण, आधुनिक सिग्नलिंग, पुलों की मजबूती, इंटरलॉकिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा परियोजनाओं पर किया जा रहा है।

आधुनिक तकनीक से सुरक्षित हुआ रेल नेटवर्क

रेलवे के अनुसार, 6,671 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और ट्रैक सर्किटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि 10,395 लेवल क्रॉसिंग गेटों को इंटरलॉकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है। इसके अलावा कोहरे में सुरक्षित संचालन के लिए हजारों लोकोमोटिव में फॉग सेफ्टी डिवाइस और विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस लगाए गए हैं।

रेलवे ने बताया कि ब्रॉड गेज नेटवर्क से सभी मानवरहित समपार फाटक समाप्त किए जा चुके हैं तथा पुराने आईसीएफ कोचों की जगह आधुनिक और अधिक सुरक्षित एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। ट्रैक निरीक्षण के लिए अल्ट्रासोनिक परीक्षण, ट्रैक रिकॉर्डिंग कार, ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम और अन्य आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।

रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और आधुनिक रेल सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से तकनीकी उन्नयन, बेहतर रखरखाव, आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों और कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण पर लगातार विशेष जोर दिया जा रहा है।