'जय माता दी' के जयघोष से गूंजा त्रिकुटा, तीसरे दिन भी सुचारु रही माता वैष्णो देवी यात्रा

कटड़ा। मौसम में सुधार के साथ श्री माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा लगातार तीसरे दिन भी पूरी तरह सुचारु रूप से जारी रही। त्रिकुटा पर्वत एक बार फिर श्रद्धालुओं के "जय माता दी" के जयघोष से गूंज उठा। कम भीड़ के चलते श्रद्धालुओं ने बिना लंबी प्रतीक्षा के माता रानी के सहज और सुलभ दर्शन किए।

श्राइन बोर्ड के अनुसार यात्रा फिलहाल पारंपरिक पुराने मार्ग से संचालित की जा रही है। हाल की भारी बारिश और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए नए बैटरी कार मार्ग की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल बैटरी कार सेवा बंद रखी गई है।

मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवा भी सोमवार को संचालित नहीं हो सकी। हालांकि यात्रा मार्ग पर घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध हैं। वहीं भवन से बाबा भैरवनाथ मंदिर तक रोपवे (केबल कार) का संचालन बीच-बीच में जारी है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिल रही है।

कम भीड़ का सबसे बड़ा लाभ श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान मिला। यात्रा पंजीकरण केंद्र से लेकर भवन तक कहीं भी लंबी कतारें नहीं रहीं और श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण माहौल में माता रानी के दर्शन किए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, पुलिस, सीआरपीएफ, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन दल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और श्रद्धालुओं को समय-समय पर आवश्यक सुरक्षा निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर 2 बजे तक करीब 8,000 श्रद्धालुओं ने यात्रा पंजीकरण कर भवन की ओर प्रस्थान किया। देर शाम तक भी श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा। मौसम में सुधार और सुचारु यात्रा व्यवस्था के बीच उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होगी।