भारतीय रेल का सीसीटीवी सुरक्षा नेटवर्क हुआ और मजबूत, 3,215 स्टेशन व 13,409 यात्री कोच निगरानी के दायरे में

यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा को नई मजबूती देने के लिए भारतीय रेल देशभर में अत्याधुनिक सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का तेजी से विस्तार कर रही है। इस अभियान के तहत अब तक 3,215 रेलवे स्टेशनों और 13,409 यात्री कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। सभी परिचालित वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों को भी सीसीटीवी कैमरों से सुसज्जित किया गया है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि आधुनिक निगरानी प्रणाली के माध्यम से रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वीडियो एनालिटिक्स से लैस हैं, जो अनधिकृत प्रवेश, संदिग्ध गतिविधियों और प्लेटफॉर्म पर गिरने वाले व्यक्ति जैसी घटनाओं की स्वतः पहचान करने में सक्षम हैं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए अब तक 145 रेलवे स्टेशनों और 303 यात्री कोचों को सीसीटीवी निगरानी प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। इससे यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ रेलवे परिसरों की निगरानी भी अधिक प्रभावी हुई है।

भारतीय रेल के विभिन्न जोनों में भी बड़े पैमाने पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उत्तर रेलवे के 425, पश्चिम रेलवे के 391 और पूर्वी रेलवे के 271 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं पश्चिम रेलवे के 1,735, उत्तर रेलवे के 1,483 और दक्षिण रेलवे के 1,481 यात्री कोच भी सीसीटीवी निगरानी प्रणाली से लैस हैं।

रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से जून 2026 तक इन उन्नत निगरानी प्रणालियों की मदद से 9,840 सुरक्षा संबंधी घटनाओं का समय रहते पता लगाया गया, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सकी।

भारतीय रेल का यह तकनीकी कदम यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और आधुनिक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।