आरपीएफ की मानवीय पहल: ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ और ‘ऑपरेशन डिग्निटी’ के तहत 419 लोगों को अपनों से मिलाया

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए ?ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते? और ?ऑपरेशन डिग्निटी? के तहत कुल 419 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिजनों और संबंधित संस्थाओं से मिलाया।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त नीतिश शर्मा के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते में 80 गुमशुदा एवं बिछड़े बच्चों को सुरक्षित बचाकर उनके परिजनों अथवा बाल कल्याण संस्थाओं के सुपुर्द किया गया।

वहीं ऑपरेशन डिग्निटी के अंतर्गत 108 महिलाओं और 231 बुजुर्गों सहित कुल 339 जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिवारों अथवा संबंधित गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) को सौंपा गया।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने आरपीएफ की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय रेलवे केवल सुरक्षित यात्रा ही नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों को सहायता पहुंचाकर उन्हें उनके अपनों से मिलाने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभा रहा है।

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त नीतिश शर्मा ने बताया कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में अकेले, असहाय या भटके हुए बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों की पहचान कर उन्हें तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाती है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों या संबंधित संस्थाओं को सुरक्षित सुपुर्द किया जाता है।

उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल भविष्य में भी इसी संवेदनशीलता, सतर्कता और जनसेवा की भावना के साथ यात्रियों एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।