उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. के. कृष्ण कुमार बने रेलवे बोर्ड में महानिदेशक (रेलवे स्वास्थ्य सेवा)

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए गर्व का क्षण है। उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक (पीसीएमडी) डॉ. के. कृष्ण कुमार ने भारतीय रेलवे के सर्वोच्च प्रशासनिक स्तर पर रेलवे बोर्ड में महानिदेशक, रेलवे स्वास्थ्य सेवा (डीजी-रेलवे हेल्थ सर्विसेज) का पदभार संभाला है। उनकी यह नियुक्ति चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं, दूरदर्शी नेतृत्व और समर्पण का सम्मान मानी जा रही है।

इस अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने डॉ. कृष्ण कुमार को बधाई देते हुए उनके सफल एवं यशस्वी कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।

केरल के पालघाट जिले के मूल निवासी तथा भारतीय रेलवे स्वास्थ्य सेवा के 1990 बैच के अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार ने 26 अगस्त 1991 को रेलवे सेवा की शुरुआत की थी। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने भावनगर, वडोदरा और पश्चिम रेलवे सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, वडोदरा के रूप में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें तीन बार महाप्रबंधक स्वास्थ्य सेवा दक्षता शील्ड से सम्मानित किया गया, जबकि कोविड-19 महामारी के दौरान भी उनके उल्लेखनीय योगदान को सराहा गया।

डॉ. कृष्ण कुमार ने 25 अगस्त 2025 को उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक का कार्यभार संभाला था। लगभग एक वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। इनमें रेलवे अस्पताल की लैब का एनएबीएल मान्यता प्राप्त करना, सेंट्रल हॉस्पिटल में आरोग्यं कैफे और ओपीडी फार्मेसी की शुरुआत तथा उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों में छह क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट की नियुक्ति जैसी पहलें प्रमुख हैं।

उनके नेतृत्व में चिकित्सा विभाग में कई नवाचार लागू किए गए, जिससे हजारों रेल कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हुईं। उनकी नई जिम्मेदारी को उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए सम्मान और गौरव की उपलब्धि माना जा रहा है। रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।