मॉनसून को लेकर अलर्ट मोड में उत्तर मध्य रेलवे, महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने संरक्षा तैयारियों की समीक्षा की

प्रयागराज। मॉनसून के दौरान ट्रेनों का सुरक्षित और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने मॉनसून से जुड़ी संरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्कता और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षों तथा तीनों मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। महाप्रबंधक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि संवेदनशील रेलखंडों का स्वयं निरीक्षण करें। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने और 'मॉनसून वैगन' को पूरी तरह तैयार रखने के आदेश दिए।

महाप्रबंधक ने फ्लैश फ्लड और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए रेल पुलों, नदियों और नालों के जलस्तर पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने रेलवे ट्रैक, बैलास्ट, ड्रेनेज सिस्टम और सिग्नलिंग व्यवस्था की नियमित जांच पर भी जोर दिया। ट्रैक के आसपास जलभराव रोकने तथा सिग्नलिंग फेल्योर जैसी समस्याओं से बचने के लिए संबंधित विभागों और रखरखाव टीमों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

उत्तर मध्य रेलवे का कहना है कि मॉनसून के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध रेल सेवा उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।