श्रीराम कथा के दूसरे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भगवान शिव और श्रीराम की महिमा का किया गुणगान

पत्रकार सुमित गर्ग,

संवाददाता, खेरागढ़। ब्रजधाम उदासीन आश्रम, पुल वाले हनुमान मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा पंडाल भक्तों से खचाखच भरा रहा। कथा वाचक आचार्य ऋषि कृष्ण महाराज ने शिव विवाह, नारद मोह और भगवान श्रीराम के अवतार के कारण सहित अनेक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। श्रद्धालु कथा श्रवण कर भक्ति रस में सराबोर हो गए।

कथावाचक ने शिव विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन की महिमा बताई। इसके बाद नारद मोह की कथा सुनाते हुए अहंकार के त्याग और भगवान की लीला का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों का कल्याण करने के लिए समय-समय पर विभिन्न लीलाएं करते हैं।

कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जन्म का कारण बताते हुए आचार्य ने कहा कि जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ जाता है, तब धर्म की स्थापना और सज्जनों की रक्षा के लिए भगवान अवतार लेते हैं। श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और आदर्शों का प्रतीक है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए।

ब्रजधाम उदासीन आश्रम के महंत प्रकाशानंद जी महाराज ने बताया कि 29 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीराम कथा एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ आरती में भाग लिया।