एमपी-एमएलए कोर्ट के बरी करने के आदेश पर लगी मुहर, सरकार की अपील खारिज की एडीजे-6/स्पेशल जज गैंगस्टर बदायूं ने निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा, चर्चित प्रकरण में सभी आरोपियों को मिली राहत

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एमपी-एमएलए कोर्ट के बरी करने के आदेश पर लगी मुहर, सरकार की अपील खारिज कीएडीजे-6/स्पेशल जज गैंगस्टर बदायूं ने निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा, चर्चित प्रकरण में सभी आरोपियों को मिली राहत

बदायूं,

वर्ष 2022 के चर्चित मुकदमा अपराध संख्या 129/2022 से जुड़े वाद संख्या 11870/2023 में सोमवार को एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय सामने आया। माननीय एडीजे-6/स्पेशल जज गैंगस्टर, बदायूं की अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर अपील को निरस्त करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट (सिविल जज सीनियर डिवीजन), बदायूं द्वारा पारित बरी किए जाने के आदेश को यथावत बनाए रखा।

यह मामला थाना सिविल लाइन, जनपद बदायूं में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 129/2022 से संबंधित था, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 341, 352, 353 एवं 504 के तहत तत्कालीन उप जिलाधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा की ओर से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एफआईआर में समाजवादी पार्टी के तत्कालीन जिला अध्यक्ष आशीष यादव, विधायक हिमांशु यादव, विधायक आशुतोष मौर्या, काजी रिजवान, कैप्टन अर्जुन सिंह तथा रचित गुप्ता को नामजद किया गया था।

इस प्रकरण का विचारण एमपी-एमएलए कोर्ट (सिविल जज सीनियर डिवीजन), बदायूं में हुआ। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.वाई. नकवी (गुड्डू भाई) एवं उनके सहयोगी अधिवक्ताओं ने प्रभावी पैरवी करते हुए अपने तर्क न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निचली अदालत ने सभी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में सम्मानपूर्वक बरी कर दिया था।

निचली अदालत के इस निर्णय को चुनौती देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सत्र न्यायालय, बदायूं में अपील दायर की। अपील पर सुनवाई एडीजे-6/स्पेशल जज गैंगस्टर की अदालत में हुई, जहां बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.वाई. नकवी ने विस्तृत कानूनी दलीलें प्रस्तुत कीं। सभी तथ्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने सरकार की अपील को खारिज कर दिया तथा एमपी-एमएलए कोर्ट के पूर्व आदेश को बरकरार रखा।

न्यायालय के इस निर्णय के बाद सभी आरोपियों को बड़ी कानूनी राहत मिली। निर्णय के उपरांत समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने वरिष्ठ अधिवक्ता आर.वाई. नकवी उर्फ गुड्डू भाई का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्रभावी पैरवी और कानूनी दक्षता के कारण निर्दोषों को न्याय मिला।

यह फैसला जनपद बदायूं के चर्चित मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।