खातों मे आती थी साइबर ठगी की रकम 4 ठग गिरफ्तार दो आईफोन बरामद

बरेली। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन के तहत बरेली पुलिस ने लगातार तीसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एसओजी, साइबर सेल, साइबर थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए ऐसे आरोपियों को दबोचा। जिनके बैंक खातों में साइबर ठगी की 6.44 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि का लेनदेन मिला। गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर पहले से 11 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बिहार, कर्नाटक समेत कई राज्यों के लोगों को डरा-धमकाकर, लालच देकर या उनके बैंक खाते हैक कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। ठगी की रकम पहले एक खाते में मंगाई जाती थी, फिर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर नकदी निकाल ली जाती थी। इसके बाद पूरी रकम आपस में बांट ली जाती थी। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि साइबर ठगी से मिलने वाली रकम से वे अपने महंगे शौक पूरे करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से एक आईफोन-13 और एक आईफोन-16 बरामद किया है। थाना कैंट पुलिस ने आनंद कुमार, विक्की श्रीवास्तव और सुमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। जांच में इनके बैंक खातों में 3,41,424 रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर निकालते थे। इनके खिलाफ थाना कैंट में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर पहले से सात साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इनके बैंक खातों, मोबाइल फोन और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। संयुक्त टीम ने बहेड़ी क्षेत्र से मोहम्मद शादाब को गिरफ्तार किया। उसके बैंक खाते में 3,03,383 रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम का लेनदेन मिला। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बाहरी राज्यों में बैठे अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की रकम अपने खाते में मंगवाता था और बाद में विभिन्न माध्यमों से निकालकर बांट देता था। पुलिस ने मोहम्मद शादाब के खिलाफ थाना बहेड़ी में मुकदमा दर्ज किया है। जांच में उसके खिलाफ भी एनसीआरपी पोर्टल पर चार साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिली हैं। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। बरेली पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।।