एटा/जलेसर: गौवंश के प्रति प्रधान के बिगड़े बोल, योगी सरकार को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास।

*एटा/जलेसर: गौवंश के प्रति प्रधान के बिगड़े बोल, योगी सरकार को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास।*


जलेसर/एटा:

एटा/जलेसर: जनपद एटा के विकास खंड अवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत वीर नगर लोधीपुर में रामबाग आश्रम के पास बम्बा की पटरी पर एक निराश्रित गौवंश घायल अवस्था में पिछले 24 घंटे से पड़ा हुआ है। जिसका देखने वाला कोई नहीं है। आज सुबह तकरीबन 9:00 बजे जब निरश्रीत गौवंश को घायल अवस्था में �24 घंटे बाद भी बम्बा की पटरी पर पड़ा हुआ देखा तो ग्राम प्रधान योगेश कुमार को फोन लगाकर जानकारी दी गई तो प्रधान ने बेशर्मी और मानवता की सारी हदें पार करते हुए साफ़ कह दिया कि किसी भी निराश्रीत गौवंश की मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है। विपरीत मानसिकता वाले ग्राम प्रधान ने जातिगत टिप्पणी करते हुए ठाकुर जाति को टार्गेट करते हुए कहा है कि ठाकुर ही गाय पालते हैं और कोई जाति गाय नहीं पालती है तथा क्षेत्र में सभी छूटी हुई गायों को ठाकुर ही छोड़कर चले जाते हैं �अन्य किसी जाति के पास कोई गाय नहीं है।�

ऐसे में संत सरकार जहां एक ओर निराश्रित गौवंश को लेकर इतनी संवेदनशील नजर आती है वही ऐसे गैर जिम्मेदार ग्राम प्रधान शासन की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। जब इस प्रकरण में एसडीएम महोदय जलेसर पीयूष रावत को दूरभाष के माध्यम से अवगत कराया गया तो उन्होंने राजकीय पशु चिकित्सक को निराश्रित गौवंश का उपचार करने हेतु निर्देशित किया है।अब देखने वाली बात यह होगी कि और इस बड़बोले और गैर जिम्मेदाराना विवादित एवं जातिगत बयान देने वाले ग्राम प्रधान योगेश कुमार के प्रति शासन प्रशासन �कड़ा रुख अपनाते हुए क्या कठोर कार्यवाही करता है यह तो आगामी समय ही बताएगा �ग्राम प्रधान वीर नगर योगेश कुमार का ऑडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें ग्राम प्रधान साफ़ तौर पर कहते हुए सुनाई दे रहा है कि हमारी गायों के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है और सभी ठाकुर बिरादरी के लोग ही गाय पालने का काम करते हैं अन्य कोई बिरादरी गाय नहीं पालती है और ठाकुर ही क्षेत्र में गायें छोड़कर चले जाते हैं। इस तरह से यह प्रधान समाज में जातिवाद का जहर घोलने का कुत्सित प्रयास कर रहा है और शासन की छवि धूमिल करने का काम कर रहा है। इस शासन विरोधी मानसिकता वाले प्रधान द्वारा ग्राम पंचायत वीर नगर लोधी पुर में कराए गए विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए जिससे विकास कार्यो में प्रधान द्वारा किए गए घोंटाले उजागर हो सकें। देखना यह है कि इस गैर जिम्मेदार प्रधान पर शासन प्रशासन क्या कार्रवाई करता है यह देखने वाली बात है और यह तो आगामी समय ही बताएगा।�


रिपोर्ट: रमेश जादौन जलेसर, एटा।