विश्व मंच पर गूंजा भारत का परचम: श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की पैरा तीरंदाज पायल नाग का भव्य सम्मान, खेल प्रतिभाओं को मिल रहा नया आसमान

कटरा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की प्रतिभाशाली पैरा तीरंदाज पायल नाग ने विश्व आर्चरी पैरा सीरीज-2026 में कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव पूरी दुनिया में बढ़ाया है। चेक गणराज्य के नोवे मेस्तो में 29 जून से 5 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पायल नाग ने साथी भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी के साथ कंपाउंड महिला टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने पायल नाग का गरिमापूर्ण सम्मान किया। श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने माता की चुनरी भेंट कर उन्हें सम्मानित किया और कहा कि पायल की सफलता पूरे देश, जम्मू-कश्मीर और श्राइन बोर्ड परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने पायल के समर्पण, अनुशासन, कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह आने वाले वर्षों में भी भारत के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर तिरंगे की शान बढ़ाती रहेंगी।

श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। श्री माता वैष्णो देवी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, उच्च स्तरीय कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। यही प्रयास आज देश को विश्व मंच पर गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार मौर्य, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार शर्मा, सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुव गुप्ता, श्राइन बोर्ड के प्रशिक्षकों तथा अन्य अधिकारियों ने भी पायल नाग को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी अधिकारियों ने कहा कि पायल की यह उपलब्धि नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह दिखाती है कि सही मार्गदर्शन, उत्कृष्ट प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प से विश्व स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।

श्राइन बोर्ड की एक और होनहार खिलाड़ी शीतल देवी, जिन्होंने पायल नाग के साथ मिलकर यह कांस्य पदक जीता, भी इसी खेल परिसर की प्रतिभा हैं। दोनों खिलाड़ियों की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि श्री माता वैष्णो देवी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आज देश में पैरा खेलों की प्रतिभाओं को निखारने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

अब पायल नाग की नजर अगले बड़े मुकाबलों पर है। वह सितंबर 2026 में अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज?लेग-3 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसके बाद अक्टूबर 2026 में जापान में होने वाले पैरा एशियाई खेलों में भी देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगी।

पायल नाग और शीतल देवी की यह उपलब्धि केवल एक पदक की कहानी नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष, समर्पण और राष्ट्र गौरव की प्रेरक मिसाल है। उनकी सफलता ने करोड़ों भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है और यह संदेश दिया है कि प्रतिभा को अवसर और सही मार्गदर्शन मिले तो भारत विश्व खेल मंच पर नई ऊंचाइयों को लगातार छूता रहेगा।