अतिक्रमण हटाने को लेकर वन अधिकारियों और ग्रामीणों में हिंसक झड़प।

  • वन विभाग द्वारा भाड़े पर लाए गए जेसीबी मशीन को आक्रोशित ग्रामीणों ने किया आग के हवाले।
  • ग्रामीण और वनकर्मी के हिंसक झड़प में दोनों हुए जख्मी,घंटों मशक्कत के बाद मामला हुआ शांत।डीएसपी और एसएसबी के कमांडेंट पहुंचे घटनास्थल पर

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।​​​​​​​वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना वन प्रमंडल दो के चुलभट्टा जंगल के वन कक्ष संख्या 28,29 और 30 में गुरुवार की सुबह ठाड़ी के ग्रामीणों द्वारा विगत कई वर्षों से वन विभाग के भूमि पर ग्रामीणों के द्वारा अतिक्रमण कर खेती बारी कर रहे भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने गए वन प्रमंडल 2 के एसीएफ सत्यम कुमार और वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र के रेंजर सत्यम कुमार के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारियों और वनकर्मियों को सैकड़ों की संख्या में पहुंचे महिला,पुरुष ग्रामीणों से झड़प हो गई।वहीं अतिक्रमित भूमि पर लगे फसल को साफ करने में लगे वन विभाग द्वारा भाड़े पर मंगाए गए दर्जन भर ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन में लगभग पांच ट्रैक्टर और दो जेसीबी को ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त कर दिया।इस दौरान खेत में फंसे एक जेसीबी मशीन को अज्ञात आक्रोशित ग्रामीण द्वारा आग लगा कर फूंक दिया गया।जिससे धू-धू कर जल गया जेसीबी मशीन।इस दौरान इन सारी घटनाओं को ड्रोन कैमरा में भी कैद किया गया।

*मौके पर पहुंचे कई रेंज के अधिकारियों और वन कर्मी*: अहले सुबह अतिक्रमण हटाने गए वनकर्मियों में 8 रेंज वाल्मीकिनगर,गोनौली,हर्नाटांड,मदनपुर,

चिऊटाहा,गोवर्धना, रगिया और मांगुराह के अधिकारियों और जवानों ने मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाला।जहां पांच गांव के ग्रामीणों के गुस्से का सामना वन विभाग को करना पड़ा।मामले को बिगड़ते देख वन प्रशासन द्वारा पुलिस प्रशासन और एस एस बी को मौके पर बुलाना पड़ा।

*मौके पर एसडीपीओ और एस एस बी 21 वी वाहिनी के कमांडेंट पहुंचे*: ग्रामीणों द्वारा उनके रोजी रोटी को खत्म होते देख उग्र होने के उपरांत वन प्रशासन द्वारा पुलिस प्रशासन और एस एस बी को सूचना देने के उपरांत डी एस पी निहार भूषण और 21 वी वाहिनी एस एस बी कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत घटना स्थल पर पहुंचे।जहां ग्रामीणों को समझा बुझा कर मामले को शांत किया। डी एस पी श्री भूषण ने बताया कि खेत में लगे गन्ने के फसल को नुकसान वन विभाग द्वारा पहुंचाया जा रहा था जिससे ग्रामीण उग्र हो गए।

*पहले सुस्ता और चकदहवा को मुक्त कराने की बात पर अड़े ग्रामीण*: ठाड़ी के भूमिहीन ग्रामीणों ने बताया कि हम वर्षों से उक्त भूमि पर खेती बारी कर अपना जीविकोपार्जन करते हैं।हमलोगों के खेती करने से यह भूमि अब तक नेपाल में मिलने से बचा हुआ है।अन्यथा अब तक इस भूमि को भी विवादित सुस्ता की तरह नेपाल अपने कब्जे में ले लिया रहता।हम ग्रामीण इस भूमि को खाली कर देंगे इससे पहले सुस्ता और चकदहवा के वन भूमि को खाली कराएं वन प्रशासन।

*पूर्व में वनविभाग द्वारा दिया जा चुका है ग्रामीणों को नोटिस*: वन प्रमंडल 2 के ए सी एफ सत्यम कुमार ने बताया कि उक्त भूमि वन भूमि है जिसे ग्रामीणों ने अतिक्रमित कर रखा है।इस भूमि को खाली करने के लिए पूर्व में तीन बार नोटिस दिया गया है।साथ ही ध्वनिविस्तारक यंत्र के माध्यम से भी ग्रामीणों को सूचित किया गया है।साथ ही वैसे सभी किसान जिनका भूमि है को कहा गया था कि खेत के कागजात के साथ वन कार्यालय में आ कर मिले तथा अपनी बात को आवेदन के माध्यम से रखे।

*ग्रामीण और अधिकारियों के बीच वार्ता के दौरान जेसीबी मशीन को फूंका*: वन अधिकारी और ग्रामीणों के बीच मसले को सुलझाने की वार्ता होने के दौरान अज्ञात गुस्साए ग्रामीणों द्वारा गन्ने के खेत में फंसे एक जेसीबी में आग लगा कर फूंक दिया गया।जिसमें जेसीबी पूर्ण रूप से जल गया।

*ग्रामीण हुए उग्र,हुआ हिंसक झड़प*: ग्रामीण और वन अधिकारियों से वार्ता के दौरान पूर्ण रूप से सहमति नहीं बनते देख ग्रामीण उग्र हो गए तथा देखते देखते हिंसक झड़प हो गया।जिसमें कुछ ग्रामीण और वनकर्मी जख्मी भी हो गए।इस मौके पर प्रखंड बगहा दो के वीडियो विड्डू कुमार,आरोप रवि प्रकाश चौधरी,वाल्मीकि नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार,एस आई अनिल कुमार, ए एस आई दिलीप कुमार,एस एस बी गंडक बराज इंस्पेक्टर लोकेश कुमार बनिया,ठाड़ी सीमा चौकी के इंचार्ज पीयूष,सहित दर्जनों की संख्या में पुलिस जवान, एस एस बी के जवान और वनकर्मी मौजूद रहे।