* खूंखांगा तिब्बतन हीलिंग सेंटर चिकित्सा पद्धति सर्वोत्तम *

खूंखांगा तिब्बतीहीलिंग चिकित्सा पद्धति, जिसे **'सोवा रिग्पा' (Sowa-Rigpa)** कहा जाता है, दुनिया की सबसे पुरानी और प्रभावी प्राकृतिक चिकित्सा प्रणालियों में से एक है। यह शरीर, मन और प्रकृति के संतुलन पर आधारित है। यदि आप पारंपरिक तिब्बती हीलिंग सेंटर्स (� Lhunkhang T ibetan Healing Centers)�तिब्बती चिकित्सा में किसी भी बीमारी का इलाज केवल लक्षणों को दबाकर नहीं, बल्कि बीमारी की जड़ को समझकर किया जाता है। इसके तहत शरीर में तीन दोषों �के संतुलन को सुधारा जाता है।

�* **नब्ज देखना (Pulse Diagnosis):** यहाँ डॉक्टर �मरीज की कलाई की नब्ज देखकर शरीर के आंतरिक अंगों की स्थिति और बीमारी का पता लगाते हैं।

*जिह्वा देख कर , यूरिन देखकर ,� आंखों को देखकर , जांच करके बीमारी का पता लगा लेते हैं।

तिब्बती इलाज विशेष रूप से पुरानी और जटिल बीमारियों के लिए बहुत लोकप्रिय है, जैसे:

�* जोड़ों का दर्द, गठिया (Arthritis) और रीढ़ की हड्डी की समस्याएं

�* पेट और पाचन से जुड़े विकार (Indigestion/Liver problems)

�* अस्थमा, साइनसाइटिस और सांस की बीमारियां

�* मानसिक तनाव, अनिद्रा (Insomnia) और नसों की कमजोरी

यदि आप या आपके परिचित इस चिकित्सा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो भारत के प्रमुख और प्रामाणिक तिब्बती हीलिंग सेंटर्स निम्नलिखित हैं:

� �यह परम पावन दलाई लामा द्वारा स्थापित सबसे विश्वसनीय और प्रसिद्ध संस्थान है। इसका मुख्यालय धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में है, लेकिन इसके क्लिनिक पूरे देश में हैं।

�2. **लुनखांग तिब्बतन हीलिंग सेंटर (Lhunkhang Tibetan Healing Centre):**

� �* **स्थान:** मजनू का टीला (न्यू अरुणा नगर), दिल्ली। यह केंद्र कुन्ये मसाज, होरमे थेरेपी और पारंपरिक सोवा रिग्पा दवाओं के लिए जाना जाता है।