* पारंपरिक चिकित्सा में मिसाल बना ' लो तिब्बतन हीलिंग सेंटर " सर्वश्रेष्ठ *

**नई दिल्ली (मजनू का टीला):** आज के आधुनिक युग में जहां लोग अंग्रेजी दवाओं के साइड इफेक्ट्स से परेशान हैं, वहीं प्राचीन और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की तरफ जनता का रुझान तेजी से बढ़ा है। इस क्षेत्र में दिल्ली के मजनू का टीला स्थित **'लो तिब्बतन हीलिंग सेंटर' (Lhunkhang Tibetan Healing Centre)** ने अपनी शुद्ध जड़ी-बूटियों और उत्कृष्ट चिकित्सा पद्धति के दम पर एक अलग पहचान बनाई है। सेंटर की शुद्ध प्राकृतिक दवाइयों को मरीजों द्वारा विभिन्न असाध्य व क्रॉनिक (पुरानी) बीमारियों के इलाज में सबसे सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा है।

1. नाड़ी द्वारा , 2. युरिन देखकर , 3. जिह्वा देख कर .

4. आँखो को देख कर , बीमारियों का जड़ से इलाजकरते हैं ,

तिब्बतन हीलिंग सेंटर की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनूठी निदान प्रक्रिया है। यहां मरीजों का इलाज केवल शारीरिक लक्षणों को दबाने के लिए नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए किया जाता है। तिब्बतन पद्धति के विशेषज्ञ डॉक्टर खूंखाग बिना किसी दर्दनाक जांच के, केवल **नाड़ी परीक्षण (Pulse Diagnosis), जीभ और शारीरिक ऊर्जा** के संतुलन को समझकर बीमारी का सटीक पता लगा लेते हैं

* **100% प्राकृतिक और सुरक्षित:** यहाँ दी जाने वाली दवाइयां पूरी तरह से प्राकृतिक जड़ी-बूटियों, खनिजों और हिमालयी वनस्पतियों से तैयार की जाती हैं, जिनका शरीर पर कोई प्रतिकूल (Side Effect) असर नहीं होता।

* डॉक्टर दवाइयों के साथ-साथ मरीज की जीवनशैली (Lifestyle) और खान-पान में जरूरी बदलावों की सलाह देते हैं, जिससे शरीर खुद को अंदर से हील (स्वस्थ) करने लगता है।

* **असाध्य रोगों में कारगर:** पुरानी जोड़ों की समस्या (Arthritis), अस्थमा, पेट के गंभीर रोग, त्वचा से जुड़ी एलर्जी और तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए यह सेंटर एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है

सेंटर के मुख्य विशेषज्ञों का मानना है कि तिब्बतन चिकित्सा सिर्फ एक विज्ञान नहीं, बल्कि एक कला और करुणा से भरी जीवन शैली है। एक मात्र "Llhunkhang Tibetan Healing center" काफी है ।