बदायूं में हाहाकार: 48 घंटे से बिजली गुल, अंधेरे में डूबा शहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त

बदायूं शहर में बिजली संकट अब चरम पर पहुंच गया है. शहर के कई प्रमुख और घनी आबादी वाले मोहल्लों में पिछले 48 घंटों से लगातार बिजली आपूर्ति ठप है. बिजली विभाग की यह बड़ी नाकामी शहरवासियों के लिए काल बन गई है. भीषण गर्मी के बीच बिना बिजली के रहना लोगों के लिए नामुमकिन सा हो गया है, और प्रशासन की बेरुखी ने आग में घी डालने का काम किया है.

दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित:

लगातार दो दिनों तक बिजली न रहने के कारण पूरा शहर अस्त-व्यस्त हो गया है. सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है. पानी की टंकियां खाली पड़ी हैं, और लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं. पानी की कमी के कारण दैनिक घरेलू काम, नहाना-धोना और खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है.

बच्चों की पढ़ाई और कारोबार पर असर:

भीषण गर्मी में बिना पंखे और कूलर के बच्चे न तो पढ़ पा रहे हैं और न ही रात में सो पा रहे हैं. इससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. व्यापारियों का कारोबार भी ठप पड़ा है. दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है, और ग्राहकों की कमी के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

बिजली विभाग और जनप्रतिनिधियों के प्रति गुस्सा:

शहरवासियों में बिजली विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी गुस्सा व्याप्त है. लोगों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार विभाग में शिकायत की है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. न ही कोई जनप्रतिनिधि उनकी समस्या सुनने या समाधान कराने के लिए आगे आया है. शहर के लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, "चुनाव के समय तो नेता घर-घर आते हैं, लेकिन आज जब हम मुसीबत में हैं, तो कोई नजर नहीं आ रहा है. हमें सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, समाधान नहीं."

स्थायी समाधान की मांग:

निवासियों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. बिजली संकट ने न सिर्फ शहर को अंधेरे में धकेल दिया है, बल्कि लोगों के धैर्य की परीक्षा भी ले ली है.