नवाचार: शासकीय हाई स्कूल खानपुरा की 'माँ की बगिया' में लहलहाई मूंगफली, बच्चों को मिल रहा जैविक खेती का व्यावहारिक ज्ञान

नरसिंहगढ़ : राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ विकास खंड स्थित शासकीय हाई स्कूल खानपुरा में शिक्षा के साथ-साथ कृषि और आत्मनिर्भरता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिल रहा है। विद्यालय परिसर में कलेक्टर के निर्देशानुसार विकसित की गई 'माँ की बगिया' इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ मात्र 50 रुपये के बीजों से लगभग 20 किलो मूंगफली की बंपर पैदावार हुई है।

विद्यालय के प्राचार्य बी.एस. परमार ने बताया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्कूलों में 'माँ की बगिया' विकसित करने का निर्णय लिया गया था। इसी कड़ी में खानपुरा हाई स्कूल में विगत 5 वर्षों से निरंतर बगिया का संचालन किया जा रहा है। यहाँ केवल सजावटी पौधे ही नहीं, बल्कि मौसमी फल और सब्जियाँ भी उगाई जाती हैं, जो स्कूल के वातावरण को हरा-भरा और जीवंत बनाए रखती हैं।

इस बार विद्यालय प्रबंधन ने गर्मियों के सीजन में मूंगफली की खेती करने का निर्णय लिया। स्कूल की बगिया में महज 50 रुपये के मूंगफली के बीज बोए गए थे। बिना किसी रासायनिक खाद और कीटनाशक के, पूरी तरह जैविक पद्धति से की गई खेती के परिणाम बेहद सुखद रहे। फसल तैयार होने पर लगभग 20 किलो मूंगफली का उत्पादन हुआ है, जो स्थानीय स्तर पर जैविक खेती की सफलता को दर्शाता है।

'माँ की बगिया' का मुख्य उद्देश्य केवल उत्पादन प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को खेती से जोड़ना है।

प्राचार्य बी.एस. परमार का मानना है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ जब बच्चे मिट्टी में जुड़कर कुछ नया सीखते हैं, तो उनका सर्वांगीण विकास होता है। स्कूल की यह पहल अब आस-पास के अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।