खाद संकट पर भाकियू (टिकैत) का अल्टीमेटम, मांगें न मानी गईं तो होगा आंदोलन

फतेहपुर। भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) की जिला इकाई ने जनपद में डीएपी, एनपीके और अन्य उर्वरकों की किल्लत तथा किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश महासचिव/प्रदेश प्रभारी रामदत्त मिश्रा और भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष मधुसूदन तिवारी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि जिले की अधिकांश सहकारी समितियों और निजी उर्वरक केंद्रों पर डीएपी, एनपीके और जिंक जैसे उर्वरकों की भारी कमी है। कई स्थानों पर किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा प्रभावी निगरानी नहीं किए जाने से कालाबाजारी और जमाखोरी को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे किसान परेशान हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए तथा कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।इसके अलावा संगठन ने उत्तर प्रदेश शासन के पूर्व आदेश का हवाला देते हुए बेसहारा एवं छुट्टा पशुओं से किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया। भाकियू ने मांग की कि छुट्टा पशुओं को तत्काल गौशालाओं में संरक्षित कराया जाए और किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो जिले भर में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जाएगा।