गुणवत्तापूर्ण कार्य संस्कृति ही सफलता और संरक्षा की असली पहचान : जे.सी.एस बोरा

गुणवत्तापूर्ण कार्य संस्कृति ही सफलता और संरक्षा की असली पहचान : जे.सी.एस बोरा

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे में सुरक्षित और उत्कृष्ट रेल संचालन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रयागराज लॉबी में एक दिवसीय मुख्य लोको निरीक्षक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में प्रयागराज मंडल सहित विभिन्न मुख्यालयों से आए लगभग 60 मुख्य लोको निरीक्षकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर जे.सी.एस बोरा ने कहा कि कार्य निष्पादन में गुणवत्ता ही सफलता का वास्तविक आधार है। भारतीय रेल की संरक्षा और बेहतर परिचालन केवल कार्यों की संख्या से नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता और उसके सकारात्मक प्रभाव से सुनिश्चित होता है। उन्होंने सभी लोको निरीक्षकों को गुणवत्तापूर्ण कार्य संस्कृति अपनाने और जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने का प्रेरक संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकताएं पूरी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक प्रभावी काउंसिलिंग, सार्थक निरीक्षण और समय पर दिया गया सही मार्गदर्शन कई औपचारिक कार्यवाहियों से अधिक महत्वपूर्ण होता है। उनका कहना था कि आने वाले नए सहायक लोको पायलटों को प्रशिक्षण और परामर्श देते समय गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि आंकड़े केवल संख्या दिखाते हैं जबकि गुणवत्तापूर्ण कार्य बेहतर परिणाम देते हैं।

संगोष्ठी के प्रारंभ में वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (परिचालन) आकाश श्रीनेत्र ने मुख्य अतिथि जे.सी.एस बोरा का स्वागत करते हुए उन्हें प्लांटर भेंट किया। कार्यक्रम में संरक्षा संवाद के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी विशेष संदेश देखने को मिला, जहां मानवीय सेवा के तहत रक्तदान करने वाले 30 रनिंग कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनके इस अनुकरणीय कार्य की सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सराहना की।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे मुख्य क्रू नियंत्रक सामान्य वासुदेव पाण्डेय ने रेल संचालन में संरक्षित कार्य प्रणाली, तकनीकी ज्ञान और रनिंग कर्मचारियों की शारीरिक एवं मानसिक संतुष्टि के लिए अपनाई जा रही विभिन्न गतिविधियों को पीपीटी और वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया।

संगोष्ठी के दौरान मुख्य लोको निरीक्षक एन.एन.एन तिवारी, शकील अहमद, यू.बी सिंह, जी.सी पांडेय और अनिल कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने रेल संरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।

वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर आकाश श्रीनेत्र ने लोको निरीक्षकों को सलाह दी कि वे अपने कार्यों में गुणवत्तापूर्ण काउंसिलिंग, सतत मार्गदर्शन, व्यक्तिगत संवाद, व्यवहारिक प्रशिक्षण और मानवीय संवेदनशीलता को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं।

कार्यक्रम के अंत में सभी लोको निरीक्षकों ने रेल संचालन को पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और त्रुटिहीन बनाए रखने का संकल्प लिया। यह संगोष्ठी रेलवे में संरक्षा, कार्यकुशलता और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।