मानसून में रेल सुरक्षा को लेकर जोधपुर मंडल सतर्क, 15 दिन का विशेष अभियान आज से शुरू

मानसून में रेल सुरक्षा को लेकर जोधपुर मंडल सतर्क, 15 दिन का विशेष अभियान आज से शुरू

जोधपुर। मानसून के दौरान रेल संचालन को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने 24 जून से 8 जुलाई तक 15 दिन का विशेष सुरक्षा अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत भारी बारिश, जलभराव, चक्रवाती प्रभाव, भूस्खलन तथा मौसम से जुड़ी अन्य चुनौतियों के बीच रेल संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि अभियान में परिचालन, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, यांत्रिक और विद्युत विभागों की टीमें शामिल रहेंगी। इन टीमों द्वारा संवेदनशील रेलखंडों और पहले से चिन्हित स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी तथा नियमित निरीक्षण कर संभावित खतरों को समय रहते रोकने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने बताया कि ट्रैक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गश्त करने वाले कर्मचारियों और प्रमुख रेलकर्मियों के पास उपलब्ध जीपीएस यंत्रों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाएगी। इससे रेलवे ट्रैक की निगरानी और कर्मचारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान हवा की गति मापने वाले उपकरण सहित अन्य जरूरी उपकरणों की भी जांच होगी। इसके साथ ही स्टेशन कर्मचारियों और संबंधित स्टाफ को मानसून के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

अभियान के दौरान उन सभी क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है जहां बारिश के समय अधिक खतरा बना रहता है। इन संवेदनशील स्थानों पर विशेष गश्त कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर स्थायी चौकीदार भी तैनात किए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में पहाड़ी खिसकने, मिट्टी धंसने या चट्टान गिरने की संभावना रहती है वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। मौसम विभाग से मिलने वाली पूर्व चेतावनियों के आधार पर रेलवे प्रशासन तत्काल आवश्यक कार्रवाई करेगा।

रात में बढ़ेगी विशेष निगरानी

मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति में कई बार रेलवे ट्रैक की प्रणाली प्रभावित हो जाती है। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा रेल इंजनों और डीजल मल्टीपल यूनिट ट्रेनों में लगे शीशा साफ करने वाले उपकरण, हवा सुखाने वाले यंत्र, छत पकड़ने वाले क्लैंप और पहियों की पकड़ मजबूत करने वाले उपकरणों की कार्यक्षमता की भी जांच की जाएगी।

संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष रूप से रात के समय इंजन निरीक्षण बढ़ाया जाएगा ताकि अंधेरे में होने वाली किसी भी तकनीकी खराबी या संभावित खतरे को समय रहते पहचाना जा सके और दुर्घटनाओं से बचाव किया जा सके।

रेलवे प्रशासन के अनुसार अभियान के दौरान किए जाने वाले सभी निरीक्षणों और कार्रवाई की जानकारी प्रतिदिन ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। अभियान समाप्त होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। रेलवे का उद्देश्य मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर परिस्थिति में सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करना है।