* मन को एकाग्र करने की साधना ,योग - राजेश्वरानंद *

दिल्ली, 21 जून:

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर शाहदरा गोरख पार्क स्थित श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर में एक भव्य योग शिविर एवं 'योग भोग' कार्यक्रम आयोजित किया गया। सदगुरू राजदरबार के सान्निध्य में और भारतीय योग संस्थान के विशेष सहयोग से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय पुरुषों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग क्रियाओं का अभ्यास किया।

इस विशेष अवसर पर भक्तों और योग साधकों को संबोधित करते हुए पूज्य स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने योग के वैश्विक और व्यावहारिक स्वरूप पर प्रकाश डाला। स्वामी जी ने अपने वक्तव्य में कहा:

"योग सनातन धर्म द्वारा संपूर्ण मानवता को दिया गया एक अमूल्य और सार्वभौमिक उपहार है। इसे किसी संकीर्ण दायरे या धर्म की जंजीरों में बांधकर देखना एक वैचारिक भूल है। योग का मूल उद्देश्य जाति, पंथ या मजहब से ऊपर उठकर हर मनुष्य को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य प्रदान करना है।"

स्वामी जी ने एकाग्रता और मानसिक शांति पर बल देते हुए आगे कहा:

"आज के दौर में लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम या कुछ आसनों तक सीमित समझ लेते हैं, जबकि वास्तविकता इससे कहीं गहरी है। योग सिर्फ तन को साधने की कला नहीं, बल्कि भटके हुए मन को एकाग्र करने की साधना है। जब हमारा मन एकाग्र होता है, तभी जीवन में वास्तविक सुख और संतुलन का प्रवेश होता है। योग हमें स्वयं से और फिर पूरी मानवता से जोड़ता है।"

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जानकारी देते हुए सदगुरू राजदरबार के प्रबंधक श्री राम वोहरा ने बताया कि स्वामी जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस 'योग भोग' कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य और सेवा भाव का प्रसार करना है। भारतीय योग संस्थान के प्रशिक्षकों जे पी शर्मा जी के सहयोग से उपस्थित जनसमूह ने प्राणायाम, आसन और ध्यान के व्यावहारिक सूत्रों को सीखा और इसे अपने दैनिक जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी साधकों के बीच दूध,फल,बिस्किट प्रसाद (भोग) का वितरण भी किया गया।

राम वोहरा 9212315006