रेलवे कारखाने में चला टीबी स्क्रीनिंग अभियान, 397 कर्मचारियों की जांच; टीबी मुक्त भारत को लेकर दी गई जागरूकता

रेलवे कारखाने में चला टीबी स्क्रीनिंग अभियान, 397 कर्मचारियों की जांच; टीबी मुक्त भारत को लेकर दी गई जागरूकता

अजमेर। भारतीय रेलवे के कारखानों में कर्मचारियों के स्वास्थ्य संरक्षण और टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से चार दिवसीय विशेष टीबी स्क्रीनिंग शिविर एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह शिविर 17 जून से 20 जून तक 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान 2026 के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक Dr. Prem Ranjan Thakur डॉ. प्रेम रंजन ठाकुर तथा राजस्थान सरकार, अजमेर की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी Dr. Jyotsna Ranga डॉ. ज्योत्सना रंगा के निर्देशन में किया गया।

रेलवे अस्पताल के अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि शिविर के दौरान कैरिज एवं लोको कारखाने में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की टीबी से संबंधित विस्तृत स्क्रीनिंग की गई। जिन कर्मचारियों की एक्स-रे जांच में असामान्यता पाई गई, उनके NAAT परीक्षण के लिए बलगम के नमूने एकत्र किए गए।

चार दिनों तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस स्वास्थ्य शिविर में कुल 397 कर्मचारियों की जांच की गई। जांच के दौरान दो कर्मचारी टीबी से पीड़ित पाए गए, जिनका पहले से उपचार चल रहा था। इसके अलावा 28 थूक एवं बलगम के नमूने आगे की जांच के लिए संग्रहित किए गए।

शिविर के दौरान कॉन्ट्रैक्ट श्रमिकों की भी स्वास्थ्य जांच की गई। इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार तथा डॉ. विशाल भाटी ने कर्मचारियों को टीबी रोग से बचाव, समय पर जांच, उपचार और टीबी मुक्त भारत अभियान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यशाला में जिला कार्यक्रम समन्वयक दिनेश कुमार बोयत, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक हरसुख राम कुलदीप, अनुज गुप्ता, मुख्य नर्सिंग अधीक्षक रेणुका विलियम सहित पैरामेडिकल स्टाफ ने भी सक्रिय सहयोग दिया।

रेलवे प्रशासन ने कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य शिविर कर्मचारियों में बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय रहते उपचार सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।