उत्तर मध्य रेलवे की अभिनव पहल, 300 से अधिक दिव्यांगजनों को मिला रोजगार

उत्तर मध्य रेलवे की अभिनव पहल, 300 से अधिक दिव्यांगजनों को मिला रोजगार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुगम्य भारत अभियान और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तर मध्य रेलवे ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

महाप्रबंधक नरेंश पाल सिंह के नेतृत्व में उत्तर मध्य रेलवे द्वारा संविदा व्यवस्था के माध्यम से 300 से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। यह पहल समान अवसर, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

वर्तमान में उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न विभागों और इकाइयों में कुल 8,256 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 300 दिव्यांगजन विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। इनमें स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन संचालक, स्टेशन उद्घोषक, डाटा प्रविष्टि ऑपरेटर, वन स्टेशन वन प्रोडक्ट स्टॉल संचालक सहित ग्राहक सेवा और परिचालन से जुड़े कई कार्य शामिल हैं।

रेलवे प्रशासन ने केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक ही अपने प्रयास सीमित नहीं रखे हैं, बल्कि दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 100 युवाओं को अधिनियमित प्रशिक्षु योजना के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे उनके भविष्य में बेहतर रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकें।

यह अभियान उत्तर मध्य रेलवे के तीनों प्रमुख मंडलों प्रयागराज,झांसी और आगरा ? में संचालित किया जा रहा है। इनमें 164 दिव्यांगजन प्रयागराज मंडल, 92 झांसी मंडल और 25 आगरा मंडल में कार्यरत हैं। इसके अलावा झांसी की कार्यशालाओं और उत्पादन इकाइयों में भी दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर दिए गए हैं।

समावेशी विकास के प्रति उत्तर मध्य रेलवे की प्रतिबद्धता उसके नियमित कार्यबल में भी दिखाई देती है। वर्तमान में 784 दिव्यांग कर्मचारी स्थायी रूप से कार्यरत हैं, जिनमें वर्ष 2025-26 के दौरान नियुक्त किए गए 15 कर्मचारी भी शामिल हैं।

इस अवसर पर महाप्रबंधक नरेंश पाल सिंह ने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य शक्ति हैं। उत्तर मध्य रेलवे उन्हें सम्मानजनक रोजगार, समान अवसर और आत्मनिर्भरता का मंच प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समावेशी विकास तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने और योगदान देने का अवसर मिले।

उप महाप्रबंधक (सामान्य) अतुल कुमार मिश्रा ने कहा कि ?दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की भावना के अनुरूप उत्तर मध्य रेलवे ने विशेष अभियान चलाकर 300 से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार और 100 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है, जो सामाजिक समावेशन की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।?

उत्तर मध्य रेलवे अपने सभी स्टेशनों, कार्यालयों और कार्यस्थलों को दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि दिव्यांगजन सम्मान, सुविधा और आत्मविश्वास के साथ अपनी सेवाएं दे सकें और रेलवे सुविधाओं का लाभ उठा सकें।