उत्तर पश्चिम रेलवे जोनल कमेटी बैठक सम्पन्न, रनिंग स्टाफ की समस्याओं और मांगों पर हुआ गहन मंथन

उत्तर पश्चिम रेलवे जोनल कमेटी बैठक सम्पन्न, रनिंग स्टाफ की समस्याओं और मांगों पर हुआ गहन मंथन

लोको पायलटों की सुविधाओं, सुरक्षा और लंबित मांगों को लेकर संगठन ने बनाई आगे की रणनीति

जोधपुर में रविवार को ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) जयपुर जोन द्वारा आयोजित उत्तर पश्चिम रेलवे की जोनल कमेटी बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। रतनाडा स्थित एसएएम डिफेंस अकादमी में आयोजित इस बैठक में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर मंडल सहित विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में रनिंग कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक में संगठन की मजबूती, कर्मचारियों की समस्याओं और भविष्य की रणनीति पर व्यापक चर्चा की गई।

ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन, जोधपुर मंडल के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सैल और मंडल सचिव डी.आर. सैन ने बताया कि बैठक में हाल ही में महाप्रबंधक अवार्ड से सम्मानित लोको पायलट गुड्स दिनेश मेघवाल, रामप्रकाश जाखड़ और सहायक लोको पायलट मैनेजर मीणा का संगठन की ओर से माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। उपस्थित सदस्यों ने सुरक्षित रेल संचालन में उनके योगदान की सराहना की।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय संयुक्त सचिव रमेश कुमार और प्रकाश वैष्णव उपस्थित रहे। इस दौरान केंद्रीय, जोनल और मंडल स्तर के पदाधिकारियों ने रनिंग कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना पर अपने विचार रखे।

बैठक के दौरान रनिंग स्टाफ की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर गंभीर चर्चा हुई। इसमें प्रमुख रूप से किलोमीटर अलाउंस में बढ़ोतरी, साप्ताहिक विश्राम को 46 घंटे सुनिश्चित करने, ड्यूटी घंटों का वैज्ञानिक और मानवीय निर्धारण, लगातार बढ़ रही नाइट ड्यूटी की समस्या, लीव रिजर्व की कमी, रिक्त पदों पर जल्द भर्ती, क्रू लॉबी और रनिंग रूम की सुविधाओं में सुधार तथा कार्यस्थल पर बढ़ते मानसिक तनाव को कम करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि रनिंग स्टाफ भारतीय रेल की परिचालन व्यवस्था की रीढ़ है और ट्रेनों के सुरक्षित एवं समयबद्ध संचालन में उनकी अहम भूमिका होती है। इसके बावजूद कर्मचारियों की कई मांगें वर्षों से लंबित हैं, जिनका शीघ्र समाधान होना जरूरी है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष जारी रखेगा और रेलवे प्रशासन व रेलवे बोर्ड स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाएगी।

बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान को गति देने, युवा कर्मचारियों को संगठन से जोड़ने और आगामी आंदोलनों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन मंडल सचिव डी.आर. सैन ने किया। इस दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में रनिंग कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह बैठक रेलवे के रनिंग स्टाफ की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और उनके समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।