मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य, कई ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य, कई ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

जयपुर| उत्तर रेलवे के मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलखंड पर पिलखुआ और कुचेसर रोड स्टेशनों के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य के लिए ब्लॉक लिए जाने के कारण आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इस दौरान कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन किया जाएगा, जबकि कई रेलगाड़ियां देरी से चलेंगी अथवा मार्ग में रेगुलेट की जाएंगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि रेल संचालन को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे इस कार्य के कारण विभिन्न ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

इन ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा

19602 न्यू जलपाईगुड़ी-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस 15 जून को न्यू जलपाईगुड़ी से प्रस्थान करते समय परिवर्तित मार्ग से लखनऊ, कानपुर सेंट्रल और गाजियाबाद होकर संचालित होगी। इस दौरान ट्रेन बरेली और मुरादाबाद स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।

15909 डिब्रूगढ़-लालगढ़ एक्सप्रेस 14 जून को डिब्रूगढ़ से रवाना होकर परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। मार्ग परिवर्तन के कारण यह ट्रेन बालामऊ, हरदोई, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़ और पिलखुआ स्टेशनों पर ठहराव नहीं करेगी।

रेगुलेट रहेंगी ये रेल सेवाएं

14322 भुज-बरेली एक्सप्रेस 15 जून को भुज से प्रस्थान कर मार्ग में पालनपुर तक एक घंटे रेगुलेट रहेगी।

15715 किशनगंज-अजमेर एक्सप्रेस 7 एवं 14 जून को किशनगंज से रवाना होने पर मार्ग में डेढ़ घंटे रेगुलेट की जाएगी।

देरी से चलेंगी कई ट्रेनें

रेलवे के अनुसार निम्न रेल सेवाएं अपने प्रारंभिक स्टेशन से निर्धारित समय से विलंब से रवाना होंगी

14321 बरेली-भुज एक्सप्रेस 8, 14 और 15 जून को 2 घंटे 30 मिनट देरी से चलेगी।

14311 बरेली-भुज एक्सप्रेस 9 जून को 2 घंटे 30 मिनट विलंब से प्रस्थान करेगी।

19270 मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस 7, 8 और 14 जून को 1 घंटा 30 मिनट देरी से रवाना होगी।

19602 न्यू जलपाईगुड़ी-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस 8 जून को 2 घंटे 30 मिनट देरी से प्रस्थान करेगी।

14322 भुज-बरेली एक्सप्रेस 15 जून को एक घंटे की देरी से चलेगी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। अधिकारियों के अनुसार ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, सुगम और दक्ष होगा।