विश्व पर्यावरण दिवस पर उत्तर पश्चिम रेलवे का विशेष अभियान, जलवायु परिवर्तन और प्लास्टिक प्रदूषण पर किया जागरूक

जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे ने जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम और प्रभावी कचरा प्रबंधन को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान मुख्यालय सहित मंडलों, कारखानों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों पर संगोष्ठियां, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक और विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि 15 मई से 05 जून तक विशेष पर्यावरण संरक्षण अभियान संचालित किया गया, जिसका समापन विश्व पर्यावरण दिवस पर विविध कार्यक्रमों के साथ हुआ। मुख्यालय स्थित सभा कक्ष में ?जलवायु परिवर्तन? विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें प्लास्टिक प्रदूषण और कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

संगोष्ठी का शुभारंभ वरिष्ठ उप महाप्रबंधक शिवेंद्र मोहन ने किया। उन्होंने भारतीय रेलवे द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सतत विकास के लिए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना आवश्यक है। इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के एमेरिटस फेलो अरुण कुमार ने जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम के दौरान रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। सभी ने पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लिया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा एक विशेष जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में स्काउट-गाइड सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण संबंधी संदेशों वाले बैनर और तख्तियां लेकर आमजन को जागरूक किया। ?प्लास्टिक मुक्त भारत?, ?स्वच्छ पर्यावरण-स्वस्थ जीवन? और ?पर्यावरण बचाओ-भविष्य बचाओ? जैसे नारों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

इसके साथ ही उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में रेल कलाकारों द्वारा ?टोकेंगे तो रोकेंगे? विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों को सरल और रोचक शैली में दर्शाते हुए लोगों से प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को छोड़ने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

नुक्कड़ नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति से प्रभावित होकर वरिष्ठ उप महाप्रबंधक शिवेंद्र मोहन ने कलाकारों को 8 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रम समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों और इकाइयों में भी पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण, जागरूकता अभियान और जनसहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। रेलवे प्रशासन ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और हरित भविष्य के निर्माण में योगदान देने की अपील की।