दिल्ली अग्निकांड के बाद अलर्ट मोड में अग्निशमन विभाग, अलीगढ़ के होटलों और रेस्टोरेंटों में चला विशेष सुरक्षा अभियान

दिल्ली अग्निकांड के बाद अलर्ट मोड में अग्निशमन विभाग, अलीगढ़ के होटलों और रेस्टोरेंटों में चला विशेष सुरक्षा अभियान

अलीगढ़। दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड में हुई जनहानि के मद्देनजर अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। महानिदेशक अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर जनपद अलीगढ़ में स्कीम संख्या-05 के अंतर्गत संचालित होटलों, रेस्टोरेंटों, क्लबों एवं अन्य व्यावसायिक भवनों में विशेष अग्नि सुरक्षा अभियान चलाया गया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का फायर ऑडिट किया तथा वहां स्थापित अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की। इस दौरान कर्मचारियों और प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया तथा मॉक ड्रिल और इवैक्यूएशन ड्रिल का आयोजन कर आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी की जानकारी दी गई।

अभियान के दौरान होटल एवं रेस्टोरेंट कर्मियों, प्रबंधकों और वहां मौजूद लोगों को आग से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग, सुरक्षित निकास मार्गों की उपलब्धता तथा आपात स्थिति में घबराने के बजाय सुनियोजित तरीके से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया समझाई गई।

अग्निशमन विभाग ने सभी संस्थानों को निर्देशित किया कि वे भवनों में अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें और अग्निशमन उपकरणों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखें। जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा मानक अधूरे पाए गए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे। निर्धारित अवधि में मानक पूरे न करने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि होटल भवनों में कम से कम दो सीढ़ियां होना आवश्यक है, जिनमें एक बाहरी और एक आंतरिक हो। निकास मार्गों पर स्पष्ट रूप से ?एग्जिट? अंकित होना चाहिए। आग लगने की स्थिति में लिफ्ट का प्रयोग न करते हुए सीढ़ियों का उपयोग करें तथा धुएं की स्थिति में झुककर या घुटनों के बल सुरक्षित बाहर निकलने का प्रयास करें।

उन्होंने यह भी कहा कि बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग अथवा स्टोरेज के लिए किया जाना चाहिए, होटल के कमरों में धूम्रपान से बचना चाहिए तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल 112 अथवा 101 पर सूचना देनी चाहिए। साथ ही प्रत्येक होटल में फायर सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करना आवश्यक है।

अग्निशमन विभाग द्वारा नजदीकी फायर स्टेशनों के संपर्क नंबरों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में समय रहते सहायता उपलब्ध कराई जा सके। यह अभियान जनपद में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।