ऑपरेशन नार्कोस के तहत आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, पुरी-गांधीधाम एक्सप्रेस से गांजा तस्कर गिरफ्तार

ऑपरेशन नार्कोस के तहत आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, पुरी-गांधीधाम एक्सप्रेस से गांजा तस्कर गिरफ्तार

नागपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल ने ऑपरेशन नार्कोस के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुरी-गांधीधाम एक्सप्रेस से एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक लाख रुपये से अधिक मूल्य का गांजा बरामद किया गया है।

मंडल सुरक्षा आयुक्त चेतन दिलीपराव जिचकार के निर्देशन में आरपीएफ नागपुर द्वारा राज्य पुलिस एवं अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर रेल मार्ग से मादक पदार्थों, अवैध शराब और तंबाकू उत्पादों की तस्करी रोकने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई।

जानकारी के अनुसार, 2 जून 2026 को आमगांव रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान प्रधान आरक्षक राजेश कुमार ने गाड़ी संख्या 12994 पुरी-गांधीधाम एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पहुंचने के समय एक संदिग्ध व्यक्ति को जनरल कोच से उतरकर प्लास्टिक का झोला लेकर जाते देखा। उसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर आरपीएफ कर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शीतल चीनधालोर निवासी धानोली, थाना आमगांव, जिला गोंदिया बताया। तलाशी लेने पर उसके झोले से गांजा जैसी गंध वाले दो पैकेट बरामद हुए। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर विधिवत जांच की गई, जिसमें आरोपी के कब्जे से कुल 2.090 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 1 लाख 4 हजार 500 रुपये आंकी गई है।

आरपीएफ ने सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को जब्त गांजे सहित आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी गोंदिया के हवाले कर दिया। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यदि रेलगाड़ियों, रेलवे स्टेशनों या स्टेशन परिसरों में कोई संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि अथवा लावारिस वस्तु दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल आरपीएफ, ट्रेन स्टाफ, टीटीई या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें। यात्रियों के सहयोग से ही रेलवे परिसर को सुरक्षित एवं अपराधमुक्त बनाया जा सकता है।

आरपीएफ की इस कार्रवाई को रेल मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।