हरदोई में फर्जी मुकदमे में जेल भेजने का आरोप, सपा नेता रामज्ञान गुप्ता ने भाजपा नेताओं और पुलिस प्रशासन पर साधा निशाना, बोले- अभद्र टिप्पणी के आरोपों को सार्वजनिक किया जाए

हरदोई। समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव एवं हरदोई नगर पालिका अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी रामज्ञान गुप्ता ने अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस प्रशासन और भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 27 मई 2026 को उन्हें दुकान से जबरन गिरफ्तार कर फर्जी मुकदमे में जेल भेजा गया, जबकि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, उनमें गिरफ्तारी और जेल भेजने का प्रावधान नहीं था।
रामज्ञान गुप्ता ने दावा किया कि उन पर सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया, जबकि उन्होंने कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने बताया कि 25 मई को उनकी ई-रिक्शा की दुकान पर विजिलेंस और पुलिस टीम बिजली चोरी की जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन जांच में कोई अनियमितता नहीं मिली। उनके अनुसार, इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाया गया।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने 24 अप्रैल 2026 को ई-रिक्शा, टेंपो और अन्य वाहन चालकों से अवैध वसूली का विरोध किया था और उसके बाद से उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई।
रामज्ञान गुप्ता ने भाजपा नेता नरेश अग्रवाल, मंत्री नितिन अग्रवाल और पुलिस प्रशासन पर उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों और प्रशासन की होगी।
प्रेसवार्ता में उन्होंने बिजली दरों में बढ़ोतरी, महंगाई, पेट्रोल-डीजल और गैस के दामों को लेकर भी भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में बदलाव का फैसला करेगी। यह सभी आरोप रामज्ञान गुप्ता द्वारा प्रेसवार्ता में लगाए गए हैं।