भीषमपुर सिकंदरपुर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन, ग्रामीणों ने की जांच की मांग, भीषमपुर-सिकंदरपुर मार्ग पर चल रहे खनन कार्यों पर उठे सवाल, तहसील प्रशासन ने जांच के दिए आदेश

भीषमपुर सिकंदरपुर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन,ग्रामीणों ने की जांच की मांग, भीषमपुर-सिकंदरपुर मार्ग पर चल रहे खनन कार्यों पर उठे सवाल, तहसील प्रशासन ने जांच के दिए आदेश


चकिया। चकिया क्षेत्र के भीषमपुर-सिकंदरपुर मार्ग पर अवैध मिट्टी खनन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिकंदरपुर के समीप बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन किया जा रहा है, जिससे राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो रहा है।


ओवरलोड ट्रैक्टर वाहनों कासंचालन


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खनन कार्य में लगे कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निर्धारित क्षमता से अधिक मिट्टी लादकर सड़कों पर संचालित की जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ओवरलोड वाहनों के लगातार आवागमन से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और लगातारदुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।


परमिट और दस्तावेजों को लेकर उठ रहे प्रश्न


ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनन कार्य में प्रयुक्त कुछ वाहनों के पास आवश्यक दस्तावेज, परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सभी वाहनों और खनन स्थलों की जांच कराने की मांग की है।


ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश


क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि अवैध खनन के कारण खेतों, संपर्क मार्गों और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करे और नियमों के विपरीत पाए जाने वाले कार्यों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे।


क्षेत्रीय प्रशासनिक कार्रवाई की मांग


स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और परिवहन विभाग से संयुक्त जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि खनन कार्य वैध है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति


अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि केवल सक्षम अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल क्षेत्र में खनन गतिविधियों को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।