रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए आरपीएफ का बड़ा अभियान, पेंट्रीकारों की भी जांच

बिलासपुर। गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने व्यापक फायर सेफ्टी ड्राइव शुरू किया है। अभियान के तहत ट्रेनों, रेलवे स्टेशनों, यार्डों तथा स्टेबल रैक में विशेष निगरानी और सघन जांच की जा रही है।रेलवे सुरक्षा बल द्वारा यात्री ट्रेनों के साथ-साथ यार्डों में खड़ी कोचों और रेलवे परिसरों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पेंट्रीकार, पार्सल कार्यालय, स्टेशन पार्किंग क्षेत्र तथा स्टेबल रैक में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर ज्वलनशील सामग्री की जांच की जा रही है।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में आरपीएफ अधिकारी एवं जवान लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। वहीं यात्रियों को भी फायर सेफ्टी नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।जोनल एवं मंडल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न स्टेशनों और यार्डों का निरीक्षण कर ट्रेनों की गहन जांच की जा रही है। इस दौरान यार्ड से प्लेटफार्म तक आने वाली ट्रेनों की विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है और फायर सेफ्टी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर नजर रखी जा रही है।अभियान के दौरान ट्रेनों में गैस सिलेंडर, इलेक्ट्रिक हीटर एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों के अवैध परिवहन के मामलों में अब तक 23 लोगों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इनमें 9 पेंट्रीकार मैनेजर एवं स्टाफ भी शामिल हैं। इसके अलावा ट्रेनों में धूम्रपान करने वाले 1,099 यात्रियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।रेलवे सुरक्षा बल ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर फायर सेफ्टी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम तेज कर दिए हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री साथ लेकर यात्रा न करें तथा ट्रेनों और रेलवे परिसरों में धूम्रपान से बचें, ताकि सुरक्षित एवं संरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित की जा सके।