हिली तक दौड़ेगी विकास की रेल: एनएफआर महाप्रबंधक ने नई रेल लाइन परियोजना का किया सुरक्षा निरीक्षण

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने 20 मई को अपने दौरे के दौरान एकलाखी-बालुरघाट तथा बालुरघाट-हिली रेलखंड में चल रहे विकास कार्यों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बालुरघाट-हिली नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान रेलवे अवसंरचना, ट्रैक की स्थिति, स्टेशन विकास, पुल निर्माण, यात्री सुविधाओं और परिचालन तैयारियों का बारीकी से आकलन किया गया। महाप्रबंधक ने सुरक्षा मानकों और निर्माण गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को भविष्य में सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।दक्षिण दिनाजपुर जिले में बन रही 29.257 किलोमीटर लंबी बालुरघाट-हिली नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना लगभग 1181.09 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूत करना और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति देना है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजना के लिए आवश्यक 156.38 हेक्टेयर भूमि का शत-प्रतिशत अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है तथा भूमि रेलवे को हस्तांतरित कर दी गई है। परियोजना के अंतर्गत 11 बड़े पुल, 43 छोटे पुल, स्टेशन भवन, रोड ओवर ब्रिज (आरओबी), रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी), स्टाफ क्वार्टर और ट्रैक निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।महाप्रबंधक ने निरीक्षण के दौरान बड़े और छोटे पुलों, स्टेशन विकास कार्यों, यूटिलिटी शिफ्टिंग तथा अन्य अवसंरचनात्मक गतिविधियों की प्रगति की भी समीक्षा की। इसके साथ ही बालुरघाट-कुमेदपुर तथा लाभा-कुमेदपुर सेक्शनों में चल रहे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) कार्यों का भी जायजा लिया गया।21 मई को भी सेक्शन में ट्रॉली निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी पहलुओं और चल रहे विकास कार्यों का मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण कार्यक्रम में मुख्यालय एवं कटिहार मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का यह निरीक्षण दौरा क्षेत्र में आधुनिक रेल अवसंरचना विकसित करने, सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने तथा यात्रियों को भविष्य में तेज, सुरक्षित और बेहतर रेल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।