सीनियर डीसीएम उचित सिंघल का कमाल: अब पार्सल बोलेगा – बैंगलोर दूर नहीं!

जम्मू रेलवे की नई पहल से व्यापार को मिलेगी रफ्तार, बैंगलोर के लिए पहली बार ट्रांसशिपमेंट नीति के तहत पार्सल रवाना

जम्मू। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को आधुनिक एवं तेज बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेलवे बोर्ड की नई ?पार्सल ट्रांसशिपमेंट नीति? के तहत जम्मू पार्सल कार्यालय से पहली बार बैंगलोर सिटी के लिए लगभग 240 किलोग्राम लोहे का सामान सफलतापूर्वक बुक कर रवाना किया गया।रेलवे की इस नई व्यवस्था से स्थानीय व्यापारियों, छोटे कारोबारियों और ई-कॉमर्स कंपनियों में उत्साह का माहौल है। नई नीति लागू होने के बाद अब पार्सल परिवहन पहले की तुलना में अधिक तेज, सस्ता और सुविधाजनक हो गया है।दरअसल, पहले किसी मध्यवर्ती स्टेशन पर पार्सल को एक ट्रेन से उतारकर दूसरी ट्रेन में भेजने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में जिन स्थानों के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं होती थी, वहां सामान पहुंचने में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब रेलवे बोर्ड की नई नीति के तहत अधिसूचित जंक्शन स्टेशनों पर पार्सल को दूसरी कनेक्टिंग ट्रेन या लीज्ड पार्सल वैन में आसानी से ट्रांसफर किया जा सकेगा। इससे सामान बिना अनावश्यक देरी के गंतव्य तक पहुंचेगा।नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ व्यापारियों को किराये में राहत के रूप में मिलेगा। अब अलग-अलग रूट का अलग भाड़ा देने के बजाय शुरुआती स्टेशन से अंतिम स्टेशन तक की दूरी के आधार पर एकमुश्त ?सिंगल पार्सल वे-बिल? जारी किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि यह नीति जम्मू-कश्मीर के व्यापारियों और किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। उन्होंने बताया कि पहले फल, सब्जियां और जल्दी खराब होने वाले उत्पाद समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब ट्रांसशिपमेंट सुविधा मिलने से रेल परिवहन सड़क मार्ग की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और किफायती विकल्प बन गया है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार आज भेजे गए 10 पार्सल इसी नई सुव्यवस्थित प्रक्रिया का हिस्सा हैं। जम्मू मंडल की इस पहल से आने वाले समय में क्षेत्रीय व्यापार और कृषि उत्पादों के परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है।